Bangladesh: बीएनपी ने की यूनुस की आलोचना, मतदान के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष करने का दिया था सुझाव
Bangladesh: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार यूनुस के मतदान के लिए न्यूनतम आयु सीमा घटाने के सुझाव पर बीएनपी ने प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया में देरी होने का खतरा है। इस मुद्दे को चुनाव आयोग पर छोड़ दिया जाना चाहिए।
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बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) ने शनिवार को अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के उस सुझाव की आलोचना की है, जिसमें उन्होंने मतदान के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष करने की बात की थी। बीएनपी ने कहा कि इससे चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ेगा और चुनाव प्रक्रिया में भी देरी हो सकती है।
मुख्य सलाहकार यूनुस ने क्या कहा था?
ढाका ट्रिब्यून अखबार के मुताबिक, यूनुस ने शुक्रवा को मतदान के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष करने का सुझा दिया था। यूनुस ने एक चुनावी चर्चा में वीडियो में संदेश में कहा, युवाओं को अपने भविष्य पर अपनी राय देने का अधिकार होना चाहिए। इसलिए मुझे लगता है कि उनके लिए मतदान की न्यूनतम आयु 17 साल की जानी चाहिए।
चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ेगा: बीएनपी महासचिव
वहीं, बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने ढाका में प्रेस क्लब में एक चर्चा के दौरान कहा कि यूनुस के इस सुझाव से चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ेगा और नए मतदाताओं की सूची तैयार करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा, इससे लोगों में यह चिंता होगी कि चुनाव में और अधिक समय बर्बाद होगा और चुनाव प्रक्रिया में और देरी होगी।
'जानबूझकर देरी कर रही अंतरिम सरकार'
आलमगीर ने यह भी कहा कि लोगों में यह धारणा बन गई है कि अंतरिम सरकार जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया में देरी कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनकी अपनी धारणा नहीं है। उन्होंने कहा, मुख्य सलाहकार को इस मुद्दे को उठाने से पहले सभी पक्षों से परामर्श करना चाहिए था।
चुनाव आयोग पर छोड़ें यह मुद्दा: बीएनपी
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस मामले को चुनाव आयोग पर छोड़ देना चाहिए, ताकि आयोग खुद इस पर फैसला ले सके। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु के मानक से सभी लोग सहमत हैं। अगर आप इसे एक साल घटाना चाहते हैं, तो चुनाव आयोग नया प्रस्ताव सामने रखे और राजनीतिक दलों से चर्चा करे।
2026 की शुरुआत में हो सकते हैं आम चुनाव
यूनुस ने 16 दिसंबर को विजय दिवस के मौके पर अपने संबोधन में संकेत दिया था कि चुनाव 2026 की शुरुआत तक हो सकते हैं। उन्होंने कहा था, आम चुनाव 2025 के अंत और 2026 की पहली छमाही के बीच आयोजित किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि मतदाता सूची अपडेट होने के बाद ही चुनाव कराए जाएंगे।
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