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Nepal: काठमांडू में बालेन सरकार का बुलडोजर एक्शन, बागमती नदी के किनारे से हटाए गए सैकड़ों अवैध निर्माण

Sat, 25 Apr 2026 06:18 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Sat, 25 Apr 2026 06:18 PM IST
सार

नेपाल सरकार ने काठमांडू को सुंदर बनाने के लिए बागमती नदी के किनारे बने सैकड़ों अवैध ढांचों को ढहा दिया है। थापाथली और गैरेगौण इलाकों से करीब 346 भूमिहीन परिवारों को हटाया गया है। बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में हुई यह कार्रवाई शांतिपूर्ण रही क्योंकि लोगों को पहले ही नोटिस देकर पुनर्वास का वादा किया गया था।

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Balen shah Administration Bulldozer Action Kathmandu Hundreds Illegal Structures from Banks of Bagmati River
बालेन शाह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नेपाल सरकार ने काठमांडू को सुंदर बनाने और बागमती नदी के किनारों को साफ करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को सरकार ने बागमती नदी के किनारे बनी सैकड़ों अवैध झोपड़ियों और ढांचों को बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से थापाथली और गैरेगौण इलाकों में की गई है। इस अभियान का मकसद शहर की सुंदरता को वापस लाना और नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बचाना है।
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इस बड़ी कार्रवाई को बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली संघीय सरकार और काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी ने मिलकर अंजाम दिया है। इस काम में सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस और काठमांडू मेट्रोपॉलिटन पुलिस के जवानों ने भी मदद की। पुलिस के मुताबिक, थापाथली इलाके से लगभग 146 भूमिहीन परिवारों और गैरेगौण इलाके से करीब 200 परिवारों को हटाया गया है। ये लोग वहां कच्ची झोपड़ियों और अस्थायी ढांचों में रह रहे थे। हटाए गए लोगों में से थापाथली के करीब दो दर्जन परिवारों को काठमांडू के दशरथ स्टेडियम और कीर्तिपुर नगर पालिका में बनाए गए अस्थायी शिविरों में सुरक्षित भेज दिया गया है।
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अवैध ढांचों को हटाने की कोशिश?
हां, इन अवैध निर्माणों को हटाने की कोशिश पहले भी हो चुकी है। कुछ साल पहले जब बालेन काठमांडू के मेयर थे, तब भी उन्होंने बागमती नदी के किनारे थापाथली में बने इन ढांचों को हटाने का प्रयास किया था। लेकिन उस समय उनका यह अभियान सफल नहीं हो पाया था। उस वक्त के पी ओली के नेतृत्व वाली सरकार ने तत्कालीन मेयर बालेन का साथ नहीं दिया था। इस वजह से यह काम बीच में ही रुक गया था। लेकिन इस बार पूरी तैयारी के साथ संघीय सरकार ने इस काम को पूरा किया है।
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किसी विवाद के कैसे पूरा हुआ अभियान?
अक्सर ऐसी कार्रवाइयों में भारी विरोध और हंगामा देखने को मिलता है, लेकिन इस बार यह अभियान बहुत शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि सरकार ने वहां रहने वाले लोगों को कार्रवाई से पहले ही नोटिस दे दिया था। सरकार ने लोगों से अपील की थी कि वे अपना सामान सुरक्षित निकाल लें और जगह को स्वेच्छा से खाली कर दें। इसके साथ ही सरकार ने यह भी वादा किया था कि बेघर हुए लोगों को रहने के लिए दूसरी जगह और पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी। इसी वादे के कारण लोगों ने शांति से जगह खाली कर दी।

अतिक्रमण हटाओ अभियान का अगला कदम क्या?
सरकार का यह सफाई और अतिक्रमण हटाओ अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। यह एक दो दिन का विशेष अभियान है। अधिकारियों ने बताया है कि थापाथली और गैरेगौण के बाद अब बागमती नदी के किनारे बसे शांतिनगर और गौशाला इलाकों में भी ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी। वहां बने अवैध ढांचों को भी इसी तरह से तोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य काठमांडू शहर को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त बनाकर उसे एक सुंदर और स्वच्छ शहर का रूप देना है।

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