{"_id":"6a90318db5711fc9ae0f4d0a","slug":"nepal-floods-sadhguru-breaks-down-over-80-missing-pilgrims-why-did-he-seek-special-permission-from-china-2026-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल बाढ़: 80 तीर्थयात्रियों के लापता होने से फूट-फूट कर रो पड़े सद्गुरु, चीन से क्यों मांगी ये खास अनुमति?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
नेपाल बाढ़: 80 तीर्थयात्रियों के लापता होने से फूट-फूट कर रो पड़े सद्गुरु, चीन से क्यों मांगी ये खास अनुमति?
Thu, 27 Aug 2026 06:16 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Thu, 27 Aug 2026 06:16 PM IST
सार
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कैलाश यात्रा से लौट रहे ईशा फाउंडेशन के 80 तीर्थयात्री लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 34 पुरुष और 46 महिलाएं शामिल हैं। सद्गुरु जग्गी वासुदेव इस घटना का जिक्र करते हुए भावुक हो गए और रो पड़े। उन्होंने भारत और चीन के अधिकारियों से ग्रयिरोंग पहुंचने की अनुमति देने की अपील की है। बाढ़ के समय तीर्थयात्री कहां थे? संपर्क क्यों टूट गया? सद्गुरु खुद वहां क्यों पहुंचना चाहते हैं?
विज्ञापन
सद्गुरु ने चीन से क्या गुहार लगाई?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने कैलाश यात्रा से लौट रहे कई तीर्थयात्रियों को संकट में डाल दिया है। इनपुट के अनुसार, ईशा फाउंडेशन के 80 तीर्थयात्री तिब्बत के ग्रयिरोंग इलाके में लापता हैं। इनमें 34 पुरुष और 46 महिलाएं शामिल हैं। उनके साथ तीन स्वयंसेवक और एक डॉक्टर भी थे। तीर्थयात्री बाढ़ आने के समय एक इमिग्रेशन केंद्र में मौजूद थे। सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने इस घटना का जिक्र करते हुए भावुक होकर चीन के अधिकारियों से ग्रयिरोंग जाने की अनुमति मांगी है।
ये भी पढ़ें- नेपाल में मंडरा रहा नया संकट?: तबाही के बीच एक और झील टूटने का खतरा; चीन ने दी चेतावनी, कहा- अगले 72 घंटे अहम
विज्ञापन
विज्ञापन
बाढ़ के समय तीर्थयात्री कहां मौजूद थे?
ईशा फाउंडेशन के अनुसार, कैलाश यात्रा से लौट रहा समूह ग्रयिरोंग के इमिग्रेशन केंद्र में था। अचानक आई बाढ़ का पानी इमारत में घुस गया और वहां मौजूद लोगों का संपर्क टूट गया। समूह के नेता इशांगा प्रवीण ने सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर सुरक्षित पहुंचने की जानकारी दी थी। इसके कुछ ही मिनट बाद सुबह 9 बजकर 14 मिनट पर आपदा आने की बात सामने आई है। इसके बाद प्रवीण का मोबाइल फोन दोबारा सक्रिय नहीं हुआ। इससे आशंका जताई जा रही है कि समूह उस समय इमारत के भीतर ही था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- नेपाल में मंडरा रहा नया संकट?: तबाही के बीच एक और झील टूटने का खतरा; चीन ने दी चेतावनी, कहा- अगले 72 घंटे अहम
विज्ञापन