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US: ‘देश के साथ संबंधों के लिए पाकिस्तान का मजबूत होना जरूरी,’ क्यों कही अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने यह बात

Tue, 16 May 2023 08:24 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 16 May 2023 08:24 AM IST
सार

राज्य विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि लोगों को बिना हिंसा में भाग लिए खुद को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

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Amidst turmoil in Pakistan, US supports freedom of expression without violence, know the details
वेदांत पटेल - फोटो : social media

विस्तार

पाकिस्तान में लगातार हो रही घरेलू कलह के बीच अमेरिका ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन किया है। उसका कहना है कि हिंसा में बिना भाग लिए व्यक्ति को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। साथ ही उसने दोहराया कि देश के साथ संबंधों के लिए पाकिस्तान का मजबूत, स्थिर और समृद्ध होना जरूरी है।

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राज्य विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि लोगों को बिना हिंसा में भाग लिए खुद को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने इमरान कि गिरफ्तारी पर पिछले सप्ताह थोड़ी बात की थी। अब पाकिस्तान में चल रहे घटनाक्रम के बारे में आप पूछेंगे तो यही कहूंगा कि अमेरिका का किसी एक राजनीतिक दल या एक उम्मीदवार से कोई मतलब नहीं है। हमारा मतलब एक मजबूत, स्थिर और समृद्ध पाकिस्तान से है, जो अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी गिरफ्तारी के लिए ऐसे व्यक्ति को उनके कानूनों के अनुसार बुनियादी मानवाधिकारों का भुगतान किया जाता है।

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पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में पूछे जाने पर, पटेल ने कहा कि मौजूदा स्थिती को देखकर कोई भी धारणा बनाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे पास यहां से पेश करने के लिए कोई आकलन नहीं है। हालांकि, हम पूरी तरह से स्पष्ट है कि हमारी मीडिया और जानकारी तक पहुंच होनी चाहिए। साथ ही सरकार और पत्रकारों के बीच भी सूचना लगातार आदान-प्रदान होती रहनी चाहिए। 

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गौरतलब है, पिछले मंगलवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में अशांति फैल गई थी, जो शुक्रवार तक जारी रही। प्रदर्शनकारियों के हमले में कई मौतें हुईं। वहीं दर्जनों सैन्य और सरकारी भवनों को नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार, प्रदर्शनकारियों ने रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर धावा बोला और लाहौर में कोर कमांडर के घर में आग लगा दी थी। पुलिस ने हिंसक झड़पों में मरने वालों की संख्या 10 बताई है, जबकि खान की पार्टी का दावा है कि सुरक्षाकर्मियों की गोलीबारी में उसके 40 कार्यकर्ताओं की जान गई है। 

 

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