Plane Crash: वैश्विक मीडिया में सुर्खियों में छाया विमान हादसा; सीएनएस से अल जजीरा तक...जानें किसने क्या लिखा
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एअर इंडिया की फ्लाइट नंबर एआई-171 के उड़ान के तुरंत बाद ही दुर्घटनाग्रस्त होने की चर्चा पूरी दुनिया के मीडिया में हो रही है। पूरब में जापान टाइम्स से लेकर पश्चिम में न्यूयॉर्क टाइम्स तक में इस दुर्घटना को प्रमुखता से कवर किया गया है। आइए देखें भारत में हुई इस विमान दुर्घटना पर किसने क्या लिखा....
द वाशिंगटन पोस्ट
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की पहली घातक दुर्घटना : फ्लाइट सेफ्टी फाउंडेशन के डेटाबेस के अनुसार, वर्ष 2011 में इस मॉडल के व्यावसायिक रूप से लॉन्च होने के बाद से यह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर से जुड़ी पहली घातक दुर्घटना है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स
वर्षों से जांच के दायरे में : बोइंग का ड्रीमलाइनर एयर इंडिया की दुर्घटना का कारण निर्धारित करने में महीनों या वर्षों का समय लग सकता है, लेकिन हादसे में शामिल विमान, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, वर्षों से जांच के दायरे में है। हालांकि, विमानन डाटा फर्म सीरियम के अनुसार, यह पहले कभी घातक दुर्घटना का शिकार नहीं हुआ था।
ग्लोबल टाइम्स
यात्री सूची में नहीं था कोई चीनी : नागरिक भारत स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि एयर इंडिया द्वारा जारी यात्री सूची के अनुसार विमान में कोई भी चीनी नागरिक नहीं था।
द गार्जियन
737 मैक्स के 1.1 अरब डॉलर के भुगतान के बाद हुई दुर्घटना : बोइंग 737 मैक्स के 1.1 अरब डॉलर के भुगतान के कुछ सप्ताह बाद, इसके 787 मॉडल की पहली दुर्घटना हुई। बता दें कि बोइंग विमानों में खराबी के कारण दो बड़ी दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 2018 और 2019 में इंडोनेशिया और इथियोपिया में तत्कालीन नए 737 मैक्स मॉडल का उपयोग किया गया था। पिछले महीने, बोइंग ने 346 लोगों की जान लेने वाली इन दोनों दुर्घटनाओं के लिए अभियोजन से बचने के लिए अमेरिकी न्याय विभाग के साथ एक समझौते में 1.1 अरब डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी।
बीबीसी
190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर मिला आखिरी सिग्नल : फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, विमान का आखिरी सिग्नल 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर मिला, जो उड़ान भरने के तुरंत बाद था। उड़ान भरने के बाद, विमान ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मेडे कॉल (इमरजेंसी मैसेज) भेजा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला।
पब्लिको
पुर्तगाली अखबार पब्लिको ने बताया कि प्लेन क्रैश में दोहरी राष्ट्रीयता वाले सात पुर्तगाली सवार थे। पुर्तगाली अधिकारी उन सभी लोगों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
सीएनएन
हवाई दुर्घटना जांच दल तैनात करेगा ब्रिटेन : ब्रिटेन की हवाई दुर्घटना जांच शाखा (एएआईबी) ने एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद भारत के अधिकारियों को औपचारिक रूप से सहायता की पेशकश की है।
द जापान टाइम्स
1985 में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था एयर इंडिया बोइंग-747 : दशकों पहले, जून 1985 में मॉन्ट्रियल से लंदन के लिए उड़ान भरने वाला एअर इंडिया बोइंग। 747 आयरलैंड के तट पर समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार सभी 329 लोग मारे गए थे। एक भारतीय आयोग ने पाया कि उग्रवादी सिखों ने विमान में रखे सामान में बम लगाया था।
आरटी इंटरनेशनल
8 फीसदी लुढ़के बोइंग के शेयर : एअर इंडिया बोइंग 787-7 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद नैस्डेक पर प्री-मार्केट ट्रेडिंग में बोइंग के शेयरों में 8% की गिरावट दर्ज की गई। इस अमेरिकी कंपनी के शेयर 8.02% गिरकर 196.83 डॉलर पर कारोबार कर रहे थे।
अल जजीरा
53 ब्रिटिश नागरिकों के प्रति ब्रिटेन में संवेदना : विमान में 53 लोग ब्रिटिश नागरिक थे। गैटविक हवाई अड्डे ने कहा कि वे विमान में सवार लोगों के परिवारों और रिश्तेदारों के लिए रिसेप्शन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें सहायता व जानकारी दी जा सके।
डॉयचे वेले
787 का पहला क्रैश, फिर घिरी बोइंग : यह दो इंजन वाला विशाल विमान है। एविएशन सेफ्टी नेटवर्क डाटाबेस के अनुसार, इस विमान का दुनिया में कहीं भी होने वाला यह पहला क्रैश है। बोइंग ने कहा कि वो क्रैश के बारे में ‘और जानकारी जुटाने की कोशिश’ में लगी है। पर, पहले से ही कंपनी कई मुश्किलों का सामना कर रही है।
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