Kolkata film festival: 'अपॉन एंट्री' और 'द गोल्डन विंग्स ऑफ वाटरकॉक्स' को मिला बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड
Kolkata film festival 2022: पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरुप विश्वास और रितुपर्ण सेनगुप्ता ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। जब बेस्ट डायरेक्टर की घोषणा हुई, तो अर्जेंटीना के डायरेक्टर ने मेसी की जर्सी पहनी और पुरस्कार ग्रहण किया...
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सात दिवसीय कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (Kolkata film festival) का रंगारंग समापन हो गया। नंदन के रविंद्र सदन में आयोजित समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में गोल्डन बंगाल रॉयल टाइगर अवॉर्ड फ़ॉर बेस्ट फिल्म का पुरस्कार स्पेन की फिल्म स्पेन की 'अपॉन एंट्री' और बांग्लादेश की 'द गोल्डन विंग्स ऑफ वाटरकॉक्स' को मिला। पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरुप विश्वास और रितुपर्ण सेनगुप्ता ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। जब बेस्ट डायरेक्टर की घोषणा हुई, तो अर्जेंटीना के डायरेक्टर ने मेसी की जर्सी पहनी और पुरस्कार ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 15 दिसंबर से शुरू हुआ था। इसमें 42 देशों के कुल 183 फिल्में दिखाई गईं।
दूर्गापूजा सा दिखा सिनेप्रेमियों का उत्साह
इस मौके पर मंत्री विश्वास ने कहा, कोलकाता फिल्म फेस्टिवल में इतने दर्शक आए कि ऐसा लगा जैसे दुर्गापूजा का उत्सव हो। उन्होंने कहा, विश्व के किसी भी फिल्मोत्सव में इतनी भीड़ देखने को नहीं मिलती। सिने प्रेमियों का यह प्यार ही है, जो कोलकाता को संस्कृति की राजधानी बनाती है। समापन समारोह में मंत्री इंद्रनील सेन, शांतनु बसु, राज चक्रवर्ती सहित गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे।
इन्हें भी मिला सम्मान
स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड फॉर इनोवेशन इन मूविंग इमेजेज को अवॉर्ड ईरान की फिल्म शोकोउहे खामोश को, गोल्डन रॉयल बंगाल टाइगर अवॉर्ड फॉर बेस्ट डायरेक्टर अर्जेंटिना के वीरना मोलिना को मिला। वह अवॉर्ड लेने के लिए अर्जेंटीना के फुटबॉल खिलाड़ी मेसी की जर्सी पहनकर पहुंचे। इसी तरह से बेस्ट इंडियन डाक्यूमेंट्री का अवॉर्ड निब्रम – द अनसेटल्ड सेड और हाथेर स्पर्श को मिला, बेस्ट इंडियन शॉर्ट फिल्म का अवॉर्ड महमूद को, नेटपैक अवॉर्ड फॉर बेस्ट फिल्म डॉफ (फॉरच्यून) को, स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड इन बेस्ट इंडियन लैंग्वेज फिल्मस छाद (द टेरेस) को और सिकाईसाल को, हीरालाल सेन मैमोरी अवॉर्ड फॉर बेस्ट डायरेक्टर इन इंडियन लैंग्वेज फिल्म नानेरा को भारतीय भाषाओं में रीलालाल सेन मैमोरियल अवॉर्ड फॉर बेस्ट फिल्म मुथ्यया को मिला।