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भूस्खलन होने से दो घंटे थमी यमुनोत्री यात्रा
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यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डाबरकोट भूस्खलन जोन फिर सक्रिय हो गया है। रविवार सुबह यहां भारी भूस्खलन के चलते हाईवे पर दो घंटे तक आवाजाही बाधित रही। भूस्खलन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ जिसमें पहाड़ से हाईवे पर बोल्डरों की बरसात होती नजर आ रही है।
वर्ष 2017 में यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डाबरकोट में पहली बार भूस्खलन हुआ था। उस दौरान करीब 52 दिन तक यात्रा प्रभावित रही थी जिसके बाद से ही हाईवे के लिए यह भूस्खलन क्षेत्र नासूर बना हुआ है। रविवार सुबह करीब नौ बजे यहां दोबारा भारी भूस्खलन हुआ जिसमें पहाड़ से अचानक बड़े-बड़े बोल्डर गिरने लगे। हाईवे पर करीब 500 मीटर के दायरे में पहाड़ से हो रहे भूस्खलन के चलते 9 से 11 बजे तक तीर्थयात्रियों का काफिला थमा रहा। बाद में भूस्खलन के थमने पर स्थिति सामान्य हुई। देर शाम दोबारा यहां रुक-रुक बोल्डर गिरने से आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है। कुपड़ा गांव के पूर्व प्रधान चंद्रमोहन राणा, पुरोहित महासभा के पुरुषोत्तम उनियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद रावत का कहना है कि पांच साल से ओजरी डाबरकोट में भूस्खलन हो रहा है। प्रशासन आज तक भूस्खलन का स्थायी समाधान नहीं तलाश पाया है। हाईवे बंद होने की दशा में कोई वैकल्पिक मार्ग भी तैयार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा बाधित होती है तो इसका असर यात्रा पर निर्भर छोटे-बड़े कारोबारियों पर पड़ेगा। उन्होंने शासन-प्रशासन से भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की मांग की।
भूस्खलन के चलते ओजरी डाबरकोट में सुबह हाईवे बंद हुआ था। रुक-रुककर हो रहे भूस्खलन को देखते हुए पुलिस को सुरक्षित आवाजाही के लिए भूस्खलन पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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-देवानंद शर्मा, एसडीएम, बड़कोट।
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वर्ष 2017 में यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डाबरकोट में पहली बार भूस्खलन हुआ था। उस दौरान करीब 52 दिन तक यात्रा प्रभावित रही थी जिसके बाद से ही हाईवे के लिए यह भूस्खलन क्षेत्र नासूर बना हुआ है। रविवार सुबह करीब नौ बजे यहां दोबारा भारी भूस्खलन हुआ जिसमें पहाड़ से अचानक बड़े-बड़े बोल्डर गिरने लगे। हाईवे पर करीब 500 मीटर के दायरे में पहाड़ से हो रहे भूस्खलन के चलते 9 से 11 बजे तक तीर्थयात्रियों का काफिला थमा रहा। बाद में भूस्खलन के थमने पर स्थिति सामान्य हुई। देर शाम दोबारा यहां रुक-रुक बोल्डर गिरने से आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है। कुपड़ा गांव के पूर्व प्रधान चंद्रमोहन राणा, पुरोहित महासभा के पुरुषोत्तम उनियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद रावत का कहना है कि पांच साल से ओजरी डाबरकोट में भूस्खलन हो रहा है। प्रशासन आज तक भूस्खलन का स्थायी समाधान नहीं तलाश पाया है। हाईवे बंद होने की दशा में कोई वैकल्पिक मार्ग भी तैयार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा बाधित होती है तो इसका असर यात्रा पर निर्भर छोटे-बड़े कारोबारियों पर पड़ेगा। उन्होंने शासन-प्रशासन से भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की मांग की।
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भूस्खलन के चलते ओजरी डाबरकोट में सुबह हाईवे बंद हुआ था। रुक-रुककर हो रहे भूस्खलन को देखते हुए पुलिस को सुरक्षित आवाजाही के लिए भूस्खलन पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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-देवानंद शर्मा, एसडीएम, बड़कोट।