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Uttarkashi News: बच्चों के साथ महिलाएं मांग रहीं भीख, कौन हैं ये नहीं है जानकारी
Tue, 27 May 2025 07:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 27 May 2025 07:48 PM IST
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भिक्षावृत्ति पर रोक के बाद भी यात्रा मार्ग और धाम में दिख रहे हैं भीख मांगने वाले
पुलिस की ओर से चलाए जा रहे सत्यापन अभियान पर उठ रहे हैं सवाल
उत्तरकाशी। देश और राज्य में भिक्षावृत्ति पर पूरी तरह प्रतिबंध होने के बावजूद गंगोत्री और जनपद मुख्यालय में दिन प्रतिदिन भीख मांगने वालों की संख्या बढ़ रही है। वहीं गंगोत्री में छोटे-छोटे बच्चों के साथ महिलाएं भीख मांग रही हैं। साथ ही इनके पास आईडी और आधार कार्ड नहीं होने के कारण इनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
चारधाम यात्रा शुरू होते ही पिछले कुछ वर्षों से जनपद मुख्यालय सहित गंगोत्री धाम में भीख मांगने और हिमालयी क्षेत्रों के दुर्लभ सामानों के नाम पर नकली सामान बेचने वालों की संख्या बढ़ जाती है। यह लोग गंगोत्री धाम सहित जनपद मुख्यालय में विश्वनाथ मंदिर और कोतवाली के आसपास भीख मांगते हैं, लेकिन इन पर पुलिस सहित एलआईयू और जिला प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। वहीं इन लोगों के पास किसी प्रकार के पहचान पत्र और आधार कार्ड नहीं होते हैं।
यह पुलिस के सत्यापन अभियान पर बड़ा सवाल खड़े करते हैं। साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा की संवेदनशीलता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। गंगोत्री होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि धाम में बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भीख मांग रहे हैं। वहीं पापड़गाड से लेकर गंगोत्री धाम तक पार्किंग, जंगलों में रहने वाले लोगों की वास्तविकता को लेकर पुलिस सहित नगर पंचायत, प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है। ये लोग कहां से आते हैं और उसके बाद कहां जाते हैं इसकी कोई अधिकारिक जानकारी नहीं है।
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वहीं पुलिस मात्र उन्हीं लोगों के सत्यापन तक सीमित है, जिनके पास आधार और आईडी कार्ड है। उसके अलावा भीख मांगने और नकली सामान बेचने वालों की जानकारी किसी के पास नहीं है। ऐसी स्थिति में देश और धामों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता बरत रहे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
एसपी सरिता डोबाला का कहना है कि लगातार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। वहीं भीख मांगने और यात्रा में सामान बेचने वाले लोगों की दोबारा जांच करवाई जाएगी।
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पुलिस की ओर से चलाए जा रहे सत्यापन अभियान पर उठ रहे हैं सवाल
उत्तरकाशी। देश और राज्य में भिक्षावृत्ति पर पूरी तरह प्रतिबंध होने के बावजूद गंगोत्री और जनपद मुख्यालय में दिन प्रतिदिन भीख मांगने वालों की संख्या बढ़ रही है। वहीं गंगोत्री में छोटे-छोटे बच्चों के साथ महिलाएं भीख मांग रही हैं। साथ ही इनके पास आईडी और आधार कार्ड नहीं होने के कारण इनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
चारधाम यात्रा शुरू होते ही पिछले कुछ वर्षों से जनपद मुख्यालय सहित गंगोत्री धाम में भीख मांगने और हिमालयी क्षेत्रों के दुर्लभ सामानों के नाम पर नकली सामान बेचने वालों की संख्या बढ़ जाती है। यह लोग गंगोत्री धाम सहित जनपद मुख्यालय में विश्वनाथ मंदिर और कोतवाली के आसपास भीख मांगते हैं, लेकिन इन पर पुलिस सहित एलआईयू और जिला प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। वहीं इन लोगों के पास किसी प्रकार के पहचान पत्र और आधार कार्ड नहीं होते हैं।
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यह पुलिस के सत्यापन अभियान पर बड़ा सवाल खड़े करते हैं। साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा की संवेदनशीलता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। गंगोत्री होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि धाम में बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भीख मांग रहे हैं। वहीं पापड़गाड से लेकर गंगोत्री धाम तक पार्किंग, जंगलों में रहने वाले लोगों की वास्तविकता को लेकर पुलिस सहित नगर पंचायत, प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है। ये लोग कहां से आते हैं और उसके बाद कहां जाते हैं इसकी कोई अधिकारिक जानकारी नहीं है।
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वहीं पुलिस मात्र उन्हीं लोगों के सत्यापन तक सीमित है, जिनके पास आधार और आईडी कार्ड है। उसके अलावा भीख मांगने और नकली सामान बेचने वालों की जानकारी किसी के पास नहीं है। ऐसी स्थिति में देश और धामों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता बरत रहे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
एसपी सरिता डोबाला का कहना है कि लगातार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। वहीं भीख मांगने और यात्रा में सामान बेचने वाले लोगों की दोबारा जांच करवाई जाएगी।