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Uttarkashi News: कंडार देवता मंदिर के पीछे डेंजर बैंड बन रहा खतरा
Wed, 09 Sep 2026 06:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 09 Sep 2026 06:50 PM IST
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जिलाधिकारी से समस्या का निराकरण करने की मांग
उत्तरकाशी। जसपुर-सिल्याण-निराकोट संपर्क मार्ग पर जसपुर में कंडार देवता मंदिर के पीछे स्थित डेंजर बैंड हर बरसात में दरक कर आसपास के गांवों के लिए खतरा बन रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रुति बलूनी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर इस खतरनाक हिस्से का स्थायी उपचार कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बारिश के दौरान पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरक कर मांडों गदेरे में गिरता है। मलबा जमा होने से गदेरे का पानी अपना रुख बदलकर बस्ती की ओर आने लगता है जिससे लोगों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। वहीं सिल्याण गांव के ऊपर जमीन धंसने की स्थिति भी चिंता बढ़ा रही है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य का कहना है कि विभाग की ओर से हर साल जेसीबी से मलबा हटाने और अस्थायी सुरक्षा उपाय किए जाते हैं लेकिन बारिश के साथ समस्या फिर खड़ी हो जाती है। उन्होंने अस्थायी कार्य के बजाय बैंड का पक्का और तकनीकी रूप से मजबूत उपचार कराने या पहाड़ को काटकर मार्ग को सुरक्षित बनाने का सुझाव दिया है।
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उनका कहना है कि बैंड का स्थायी समाधान होने और मार्ग सुरक्षित बनने से मांडों, जसपुर व सिल्याण क्षेत्र को राहत मिलने के साथ निराकोट को सड़क से जोड़ने का रास्ता भी साफ हो सकता है। ज्ञापन में सिल्याण से निराकोट तक सड़क निर्माण के बीच विवाद का भी उल्लेख है। सड़क का कार्य अधर में लटकने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। ज्ञापन सौंपने में सामाजिक कार्यकर्ता अमित बलूनी भी शामिल रहे।
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उत्तरकाशी। जसपुर-सिल्याण-निराकोट संपर्क मार्ग पर जसपुर में कंडार देवता मंदिर के पीछे स्थित डेंजर बैंड हर बरसात में दरक कर आसपास के गांवों के लिए खतरा बन रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रुति बलूनी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर इस खतरनाक हिस्से का स्थायी उपचार कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बारिश के दौरान पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरक कर मांडों गदेरे में गिरता है। मलबा जमा होने से गदेरे का पानी अपना रुख बदलकर बस्ती की ओर आने लगता है जिससे लोगों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। वहीं सिल्याण गांव के ऊपर जमीन धंसने की स्थिति भी चिंता बढ़ा रही है।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य का कहना है कि विभाग की ओर से हर साल जेसीबी से मलबा हटाने और अस्थायी सुरक्षा उपाय किए जाते हैं लेकिन बारिश के साथ समस्या फिर खड़ी हो जाती है। उन्होंने अस्थायी कार्य के बजाय बैंड का पक्का और तकनीकी रूप से मजबूत उपचार कराने या पहाड़ को काटकर मार्ग को सुरक्षित बनाने का सुझाव दिया है।
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उनका कहना है कि बैंड का स्थायी समाधान होने और मार्ग सुरक्षित बनने से मांडों, जसपुर व सिल्याण क्षेत्र को राहत मिलने के साथ निराकोट को सड़क से जोड़ने का रास्ता भी साफ हो सकता है। ज्ञापन में सिल्याण से निराकोट तक सड़क निर्माण के बीच विवाद का भी उल्लेख है। सड़क का कार्य अधर में लटकने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। ज्ञापन सौंपने में सामाजिक कार्यकर्ता अमित बलूनी भी शामिल रहे।