{"_id":"6a415fdf7b82c7a88202da50","slug":"villagers-formulated-a-strategy-for-the-agitation-uttarkashi-news-c-54-1-uki1003-120788-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: ग्रामीणों ने की आंदोलन की रणनीति तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: ग्रामीणों ने की आंदोलन की रणनीति तैयार
Sun, 28 Jun 2026 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 28 Jun 2026 11:24 PM IST
विज्ञापन
फोटो सहित।
उत्तरकाशी। भटवाड़ी विकासखंड मुख्यालय के रामलीला मैदान में रविवार को आंदोलनकारियों के साथ बंद्राणी गांव के लोगों ने अनिश्चितकालीन धरने में भाग लिया। इससे पूर्व भटवाड़ी और क्यार्क गांव के लोग भी धरने में शामिल हो चुके हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि आज भी वह अच्छी शिक्षा और ऑलवेदर रोड जैसी परियोजनाओं से अछूते रखे गए हैं, इसलिए अभी ग्रामीणों की ओर से शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा है।
टकनौर क्षेत्र के लोग पिछले चार दिनों से केंद्रीय विद्यालय सहित ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण और तहसील में अधिकारियों की मौजदूगी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन चार दिन बाद भी प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी और कोई जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से वार्ता करने नहीं पहुंचे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चारधाम यात्रा से लेकर आपदा के समय ग्रामीण प्रदेश सरकार और शासन-प्रशासन के साथ पूरी मदद करते हैं। साथ ही आपदा के साथ अब वह लोग शिक्षा और सड़क व स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को लेकर दोहरी मार झेल रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद भी उनकी कहीं पर सुनवाई नहीं हो रही है। तहसील में अधिकारियों के न बैठने से छोटे-छोटे कार्यों के लिए उन्हें जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए अगर उन्हें हाईवे जाम सहित जिला मुख्यालय में उग्र आंदोलन करना पड़े तो वह तैयार हैं। इस मौके पर विवेक नौटियाल, विपिन सिंह, केशव नौटियाल, आकाश नेगी, राजेंद्र राणा, अत्तर रमोला, रामचंद्र सिंह, दिनेश सिंह, विपिन, महेंद्र, नीन, संदीप आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। भटवाड़ी विकासखंड मुख्यालय के रामलीला मैदान में रविवार को आंदोलनकारियों के साथ बंद्राणी गांव के लोगों ने अनिश्चितकालीन धरने में भाग लिया। इससे पूर्व भटवाड़ी और क्यार्क गांव के लोग भी धरने में शामिल हो चुके हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि आज भी वह अच्छी शिक्षा और ऑलवेदर रोड जैसी परियोजनाओं से अछूते रखे गए हैं, इसलिए अभी ग्रामीणों की ओर से शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा है।
टकनौर क्षेत्र के लोग पिछले चार दिनों से केंद्रीय विद्यालय सहित ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण और तहसील में अधिकारियों की मौजदूगी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन चार दिन बाद भी प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी और कोई जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से वार्ता करने नहीं पहुंचे हैं।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि चारधाम यात्रा से लेकर आपदा के समय ग्रामीण प्रदेश सरकार और शासन-प्रशासन के साथ पूरी मदद करते हैं। साथ ही आपदा के साथ अब वह लोग शिक्षा और सड़क व स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को लेकर दोहरी मार झेल रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद भी उनकी कहीं पर सुनवाई नहीं हो रही है। तहसील में अधिकारियों के न बैठने से छोटे-छोटे कार्यों के लिए उन्हें जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए अगर उन्हें हाईवे जाम सहित जिला मुख्यालय में उग्र आंदोलन करना पड़े तो वह तैयार हैं। इस मौके पर विवेक नौटियाल, विपिन सिंह, केशव नौटियाल, आकाश नेगी, राजेंद्र राणा, अत्तर रमोला, रामचंद्र सिंह, दिनेश सिंह, विपिन, महेंद्र, नीन, संदीप आदि थे।
विज्ञापन