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मानसून सीजन के बाद यात्रा की उम्मीद
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कोरोना महामारी के चलते अप्रैल-मई में यात्रा का पीक सीजन लॉकडाउन की भेंट चढ़ने के बाद अब अनलॉक में भी यात्रा परवान नहीं चढ़ रही है। इस सीजन में अभी तक महज 3355 तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम पहुंचे हैं और इनमें भी अधिकांश स्थानीय लोग ही शामिल हैं। यात्रा कारोबारियों की उम्मीदें अब मानसून के बाद के यात्रा सीजन पर टिकी हैं।
कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन किए जाने के कारण यात्रा के पीक सीजन वाले अप्रैल और मई में यात्रा पूरी तरह ठप रही। इसके बाद सरकार ने अनलॉक के तहत पहले जनपद, फिर उत्तराखंड और अब देशवासियों के लिए चारधाम यात्रा खोल तो दी है, लेकिन राज्य और देश में निरंतर बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते बाहरी क्षेत्रों से यात्री यहां आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। साथ ही तीर्थ पुरोहित भी कोरोना काल में यात्रा शुरू करने का विरोध कर रहे हैं। यही कारण है कि इस बार अभी तक महज 379 तीर्थयात्री यमुनोत्री और 2976 यात्री गंगोत्री धाम पहुंचे हैं। यात्रा चौपट होने से जिले में यात्रा कारोबार पूरी तरह ठप पड़ा है। दोनों धाम और प्रमुख यात्रा पड़ावों पर होटल आदि तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद होने से यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। कारोबारियों को अब मानसून सीजन के बाद थोड़ी बहुत यात्रा चलने की उम्मीद है। शैलेंद्र मटूड़ा का कहना है कि महानगरों के ट्रैवल एजेंट अक्तूबर में यात्रा चलने की उम्मीद जताते हुए एडवांस बुकिंग करा रहे हैं।
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कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन किए जाने के कारण यात्रा के पीक सीजन वाले अप्रैल और मई में यात्रा पूरी तरह ठप रही। इसके बाद सरकार ने अनलॉक के तहत पहले जनपद, फिर उत्तराखंड और अब देशवासियों के लिए चारधाम यात्रा खोल तो दी है, लेकिन राज्य और देश में निरंतर बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते बाहरी क्षेत्रों से यात्री यहां आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। साथ ही तीर्थ पुरोहित भी कोरोना काल में यात्रा शुरू करने का विरोध कर रहे हैं। यही कारण है कि इस बार अभी तक महज 379 तीर्थयात्री यमुनोत्री और 2976 यात्री गंगोत्री धाम पहुंचे हैं। यात्रा चौपट होने से जिले में यात्रा कारोबार पूरी तरह ठप पड़ा है। दोनों धाम और प्रमुख यात्रा पड़ावों पर होटल आदि तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद होने से यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। कारोबारियों को अब मानसून सीजन के बाद थोड़ी बहुत यात्रा चलने की उम्मीद है। शैलेंद्र मटूड़ा का कहना है कि महानगरों के ट्रैवल एजेंट अक्तूबर में यात्रा चलने की उम्मीद जताते हुए एडवांस बुकिंग करा रहे हैं।
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