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यमुनोत्री धाम का पैदल रास्ता जगह-जगह क्षतिग्रस्त
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चारधाम यात्रा बंद होने का प्रभाव धामों की व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। यमुनोत्री धाम का पैदल रास्ता कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यात्रा खुलने पर यहां आवाजाही जोखिमभरी होगी।
बीते दो वर्षों से कोरोना संक्रमण के चलते चारधाम यात्रा पूरी तरह ठप है। धाम में यात्रियों न आने से यहां सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे धामों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं। यमुनोत्री धाम का पैदल रास्ता कई स्थानों पर भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है। पुजारियों का कहना है कि लोनिवि ने भूस्खलन की वजह से मार्ग में आए पत्थरों को हटाकर दोनों किनारों पर लगा दिया है, लेकिन दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं किया गया है। यमुनोत्री से लौटे पुजारी कुलदीप उनियाल ने बताया कि भिडियालीगाड़ के पास मार्ग की सुरक्षा दीवारें धंस गई है। वहीं भैरव मंदिर के निकट बड़ा बोल्डर आने से आवाजाही में दिक्कत हो रही है। पुरोहित समाज के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि यात्रा स्थगित है, लेकिन पुजारियों की आवाजाही बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन व संबंधित विभागों से जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं लोनिवि के जेई रणदेव राणा का कहना है कि दीवारों का निर्माण व जर्जर मार्गों को दुरुस्त कराने का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।
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बीते दो वर्षों से कोरोना संक्रमण के चलते चारधाम यात्रा पूरी तरह ठप है। धाम में यात्रियों न आने से यहां सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे धामों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं। यमुनोत्री धाम का पैदल रास्ता कई स्थानों पर भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है। पुजारियों का कहना है कि लोनिवि ने भूस्खलन की वजह से मार्ग में आए पत्थरों को हटाकर दोनों किनारों पर लगा दिया है, लेकिन दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं किया गया है। यमुनोत्री से लौटे पुजारी कुलदीप उनियाल ने बताया कि भिडियालीगाड़ के पास मार्ग की सुरक्षा दीवारें धंस गई है। वहीं भैरव मंदिर के निकट बड़ा बोल्डर आने से आवाजाही में दिक्कत हो रही है। पुरोहित समाज के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि यात्रा स्थगित है, लेकिन पुजारियों की आवाजाही बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन व संबंधित विभागों से जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं लोनिवि के जेई रणदेव राणा का कहना है कि दीवारों का निर्माण व जर्जर मार्गों को दुरुस्त कराने का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।
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