{"_id":"679e18b787c19556b90f24b9","slug":"the-general-ward-is-empty-as-soon-as-the-physician-goes-on-leave-uttarkashi-news-c-54-1-uki1003-110842-2025-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: फिजीशियन के छुट्टी पे जाते ही खाली हुआ जनरल वार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: फिजीशियन के छुट्टी पे जाते ही खाली हुआ जनरल वार्ड
Sat, 01 Feb 2025 06:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 01 Feb 2025 06:21 PM IST
विज्ञापन
सामान्य वार्ड में मात्र दो ही मरीज थे भर्ती
उत्तरकाशी। जिला अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने के कारण जनरल वार्ड खाली हो गया है। वहां पर शनिवार को सामान्य वार्ड में मात्र दो ही मरीज भर्ती थे, तो इसका मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि अस्पताल के फिजीशियन के अवकाश पर जाने और अन्य डॉक्टर भी समय पर नहीं मिल पा रहे हैं।
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं लेने का नाम नहीं ले रही है। वहां पर स्थिति इतनी दयनीय है कि हड्डी रोग विशेषज्ञ तो लंबे समय से नहीं है, वहीं अन्य डॉक्टर भी समय पर अपने कक्षों में नहीं मिलते हैं। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में अब मरीज भी भर्ती नहीं हो रहे हैं। स्थिति यह है कि शनिवार को 16 बेड में से मात्र दो ही पर दो मरीज भर्ती थे।
हैरानी की बात तो यह है कि इस संबंध में जिला अस्पताल प्रबंधन को भी जानकारी नहीं थी कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जनरल वार्ड में मरीज ही भर्ती नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि डॉक्टर नहीं होने के कारण लोगों को मामूली बीमारी के इलाज के लिए भी देहरादून का रुख करना पड़ता है। वहीं इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है। कोई भी वहां की स्थितियों को सुधारने की पैरवी नहीं कर रहा है। सीएमएस डॉ. पीएस पोखरियाल का कहना है कि ऐसा नहीं हो सकता कि जनरल वार्ड में दो ही मरीज हो। हो सकता है कि अन्य मरीजों को छुट्टी दे दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। जिला अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने के कारण जनरल वार्ड खाली हो गया है। वहां पर शनिवार को सामान्य वार्ड में मात्र दो ही मरीज भर्ती थे, तो इसका मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि अस्पताल के फिजीशियन के अवकाश पर जाने और अन्य डॉक्टर भी समय पर नहीं मिल पा रहे हैं।
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं लेने का नाम नहीं ले रही है। वहां पर स्थिति इतनी दयनीय है कि हड्डी रोग विशेषज्ञ तो लंबे समय से नहीं है, वहीं अन्य डॉक्टर भी समय पर अपने कक्षों में नहीं मिलते हैं। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में अब मरीज भी भर्ती नहीं हो रहे हैं। स्थिति यह है कि शनिवार को 16 बेड में से मात्र दो ही पर दो मरीज भर्ती थे।
विज्ञापन
हैरानी की बात तो यह है कि इस संबंध में जिला अस्पताल प्रबंधन को भी जानकारी नहीं थी कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जनरल वार्ड में मरीज ही भर्ती नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि डॉक्टर नहीं होने के कारण लोगों को मामूली बीमारी के इलाज के लिए भी देहरादून का रुख करना पड़ता है। वहीं इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है। कोई भी वहां की स्थितियों को सुधारने की पैरवी नहीं कर रहा है। सीएमएस डॉ. पीएस पोखरियाल का कहना है कि ऐसा नहीं हो सकता कि जनरल वार्ड में दो ही मरीज हो। हो सकता है कि अन्य मरीजों को छुट्टी दे दी गई है।
विज्ञापन