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Uttarkashi News: रवांई घाटी में बारिश से किसानों के चेहरे खिले
Thu, 29 Oct 2026 06:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 29 Oct 2026 06:41 PM IST
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रवांई घाटी में बारिश के बाद मटर और गेहूं की बुवाई का रास्ता हुआ आसान
फोटो सहित
पुरोला। रवांई घाटी में हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। लाल धान की कटाई पूरी होने के बाद अब किसान रबी की प्रमुख फसलों मटर और गेहूं की बुवाई की तैयारियों में जुट गए हैं। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों की नमी खत्म हो गई थी और मिट्टी काफी सख्त हो गई थी, जिससे खेतों की जुताई करना किसानों के लिए चुनौती बना था, ऐसे में बारिश ने किसानों को राहत दी है।
किसानों का कहना है कि बारिश के अभाव में खेतों की मिट्टी सूखकर कठोर हो गई थी, जिससे हल चलाने और खेतों को बुवाई के लिए तैयार करने में परेशानी हो रही थी। वहीं समय पर बुवाई नहीं होने की आशंका से किसान चिंतित थे। अब बारिश से खेतों में नमी लौटने के बाद जुताई और बुवाई का काम आसान होने की उम्मीद है।
क्षेत्र के किसान नवीन गैरोला, हकूमत सिंह, ओमप्रकाश गैरोला, श्यालिक राम नौटियाल आदि ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से खेतों की नमी पूरी तरह समाप्त हो गई थी और जमीन काफी सख्त हो चुकी थी। इस कारण खेतों में हल चलाना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि ताजा बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे अब मटर और गेहूं की बुवाई समय पर करने में मदद मिलेगी।
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फोटो सहित
पुरोला। रवांई घाटी में हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। लाल धान की कटाई पूरी होने के बाद अब किसान रबी की प्रमुख फसलों मटर और गेहूं की बुवाई की तैयारियों में जुट गए हैं। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों की नमी खत्म हो गई थी और मिट्टी काफी सख्त हो गई थी, जिससे खेतों की जुताई करना किसानों के लिए चुनौती बना था, ऐसे में बारिश ने किसानों को राहत दी है।
किसानों का कहना है कि बारिश के अभाव में खेतों की मिट्टी सूखकर कठोर हो गई थी, जिससे हल चलाने और खेतों को बुवाई के लिए तैयार करने में परेशानी हो रही थी। वहीं समय पर बुवाई नहीं होने की आशंका से किसान चिंतित थे। अब बारिश से खेतों में नमी लौटने के बाद जुताई और बुवाई का काम आसान होने की उम्मीद है।
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क्षेत्र के किसान नवीन गैरोला, हकूमत सिंह, ओमप्रकाश गैरोला, श्यालिक राम नौटियाल आदि ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से खेतों की नमी पूरी तरह समाप्त हो गई थी और जमीन काफी सख्त हो चुकी थी। इस कारण खेतों में हल चलाना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि ताजा बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे अब मटर और गेहूं की बुवाई समय पर करने में मदद मिलेगी।
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