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Uttarkashi News: गंगोरी संगमचट्टी मोटर मार्ग पर 20 दिन में उखड़ने लगा डामर
Thu, 26 Dec 2024 05:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 26 Dec 2024 05:16 PM IST
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उत्तरकाशी। असी गंगा घाटी की गंगोरी-संगमचट्टी मोटर मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग की ओर से किया गया डामरीकरण 20 दिन में ही उखड़ गया है। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा के 11 वर्ष बाद प्रशासन को सड़क की याद आई तो अब विभाग की ओर से इस पर डामरीकरण के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है।
असी गंगा घाटी के करीब 10 गांव को जोड़ने वाला गंगोरी-संगमचट्टी मोटर मार्ग वर्ष 2012-13 की आपदा में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद सड़क से संबंधित विभागों ने इस पर मरम्मतीकरण और कुछ स्थानों पर दीवारें लगाकर वाहनों की आवाजाही लायक तो बना दिया, लेकिन करीब 11 वर्षों तक इस पर डामरीकरण नहीं होने के कारण यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रही।
सड़क की स्थिति को सुधारने को लेकर कई बार ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया। उसके बाद प्रशासन की नींद खुली और पीएमजीएसवाई को इसके डामरीकरण के निर्देश दिए। विभाग ने करीब एक माह पूर्व एक किमी से डामर बिछाना शुरू किया। उसमें गुणवत्ता को दरकिनार किया गया। स्थिति यह है कि 20 दिनों के भीतर ही डामर उखड़ने लगा है।
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स्थानीय निवासी राजेंद्र पंवार, संजय पंवार, अरविंद रावत का कहना है कि उनके क्षेत्र की हमेशा से अनदेखी की गई है। आपदा प्रभावित होने के बाद भी सड़क के डामरीकरण में घटिया गुणवत्ता का कार्य किया जा रहा है, तो वहीं सड़क डोडीताल ट्रेक को जोड़ती है। इसकी बुरी स्थिति यहां के पर्यटन पर भी बुरा प्रभाव डाल रहा है।
पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट का कहना है कि डेढ़ किमी पर जल संस्थान की पुरानी लाइनें होने के कारण वह लीकेज कर रही है और पूरा डामर खराब कर रही है। इसलिए जल संस्थान को पाइप बदलने के लिए पत्र लिखा गया है।
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असी गंगा घाटी के करीब 10 गांव को जोड़ने वाला गंगोरी-संगमचट्टी मोटर मार्ग वर्ष 2012-13 की आपदा में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद सड़क से संबंधित विभागों ने इस पर मरम्मतीकरण और कुछ स्थानों पर दीवारें लगाकर वाहनों की आवाजाही लायक तो बना दिया, लेकिन करीब 11 वर्षों तक इस पर डामरीकरण नहीं होने के कारण यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रही।
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सड़क की स्थिति को सुधारने को लेकर कई बार ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया। उसके बाद प्रशासन की नींद खुली और पीएमजीएसवाई को इसके डामरीकरण के निर्देश दिए। विभाग ने करीब एक माह पूर्व एक किमी से डामर बिछाना शुरू किया। उसमें गुणवत्ता को दरकिनार किया गया। स्थिति यह है कि 20 दिनों के भीतर ही डामर उखड़ने लगा है।
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स्थानीय निवासी राजेंद्र पंवार, संजय पंवार, अरविंद रावत का कहना है कि उनके क्षेत्र की हमेशा से अनदेखी की गई है। आपदा प्रभावित होने के बाद भी सड़क के डामरीकरण में घटिया गुणवत्ता का कार्य किया जा रहा है, तो वहीं सड़क डोडीताल ट्रेक को जोड़ती है। इसकी बुरी स्थिति यहां के पर्यटन पर भी बुरा प्रभाव डाल रहा है।
पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट का कहना है कि डेढ़ किमी पर जल संस्थान की पुरानी लाइनें होने के कारण वह लीकेज कर रही है और पूरा डामर खराब कर रही है। इसलिए जल संस्थान को पाइप बदलने के लिए पत्र लिखा गया है।