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पूजा अर्चना करने के बाद चोर की तलाश
ब्यूरो/अमर उजाला उतरकाशी
Updated Wed, 13 May 2015 06:37 PM IST
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दिन भर चले हंगामे के दौरान देव डोली द्वारा चिन्हित दो सुनारों से पुलिस की पूछताछ में एक व्यक्ति का नाम सामने आया है। पुलिस उक्त व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। समाचार लिखे जाने तक चोरी का खुलासा नहीं हुआ है।
दरअसल तहसील मुख्यालय बड़कोट से लगे कंसेरू गांव के भट्टा सैणी देवी के मंदिर में छह मई की रात को चोरी हो गई थी। चोर मंदिर से दो तिजोरी तथा चांदी का सामान ले उड़े। दूसरे दिन ग्रामीणों ने छानबीन शुरू की तो चोर का कोई सुराग नहीं लगा, लेकिन गांव के पास टूटी पड़ी तिजोरियां बरामद हुईं।
गांव की बात गांव में ही रहे इसलिए खुली बैठक में ऐलान किया गया कि जिसने भी चोरी की है वह सारा सामान मंदिर में रखे दे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तब शुक्रवार को ग्रामीणों ने मंदिर से डोली बाहर निकालकर देवी को अवतरित किया।
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काफी मनाने पर भी जब देव डोली ने कोई संकेत नहीं दिया तो ग्रामीणों ने ताने देना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जब देवी अपनी सुरक्षा नहीं सकती तो गांव वालों की कैसे करेगी।
यह सुनकर देवी की डोली में हलचल शुरू हो गई और डोली ने बड़कोट जाने का संकेत दिया। देवडोली के पीछे पूरा गांव चल पड़ा। यहां देव डोली ने दो सुनारों की दुकान पर पहुंचकर संकेत दिया। तब एक सुनार ने कुड गांव के व्यक्ति द्वारा दुकान में छत्र एवं चांदी का सामान बेचने के लिए आने की बात स्वीकारी।
हालांकि उसने सामान नहीं खरीदा था। दूसरे सुनार ने भी खरीद से इंकार करते हुए बताया कि उक्त व्यक्ति ने सहारनपुर के आढ़ती को सामग्री बेची है। शाम को बड़कोट थाना पुलिस कुड गांव से उक्त व्यक्ति को पकड़ कर ले आयी है। थानाध्यक्ष विजय भारती ने बताया कि उक्त व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है।
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दरअसल तहसील मुख्यालय बड़कोट से लगे कंसेरू गांव के भट्टा सैणी देवी के मंदिर में छह मई की रात को चोरी हो गई थी। चोर मंदिर से दो तिजोरी तथा चांदी का सामान ले उड़े। दूसरे दिन ग्रामीणों ने छानबीन शुरू की तो चोर का कोई सुराग नहीं लगा, लेकिन गांव के पास टूटी पड़ी तिजोरियां बरामद हुईं।
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गांव की बात गांव में ही रहे इसलिए खुली बैठक में ऐलान किया गया कि जिसने भी चोरी की है वह सारा सामान मंदिर में रखे दे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तब शुक्रवार को ग्रामीणों ने मंदिर से डोली बाहर निकालकर देवी को अवतरित किया।
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काफी मनाने पर भी जब देव डोली ने कोई संकेत नहीं दिया तो ग्रामीणों ने ताने देना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जब देवी अपनी सुरक्षा नहीं सकती तो गांव वालों की कैसे करेगी।
यह सुनकर देवी की डोली में हलचल शुरू हो गई और डोली ने बड़कोट जाने का संकेत दिया। देवडोली के पीछे पूरा गांव चल पड़ा। यहां देव डोली ने दो सुनारों की दुकान पर पहुंचकर संकेत दिया। तब एक सुनार ने कुड गांव के व्यक्ति द्वारा दुकान में छत्र एवं चांदी का सामान बेचने के लिए आने की बात स्वीकारी।
हालांकि उसने सामान नहीं खरीदा था। दूसरे सुनार ने भी खरीद से इंकार करते हुए बताया कि उक्त व्यक्ति ने सहारनपुर के आढ़ती को सामग्री बेची है। शाम को बड़कोट थाना पुलिस कुड गांव से उक्त व्यक्ति को पकड़ कर ले आयी है। थानाध्यक्ष विजय भारती ने बताया कि उक्त व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है।