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मिड-डे मील में गढ़ भोज को शामिल करने की पैरवी शुरू
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गढ़वाली-कुमाऊंनी पारंपरिक व्यंजनों को गढ़ भोज में शामिल किए जाने की पैरवी शुरू हो गई है। गढ़भोज अभियान के तहत पहल शुुुरू की गई है। अभियान के तहत गढ़वाली- कुमाऊंनी व्यंजनों की एक पुस्तक भी प्रकाशित की गई है। इसमें व्यंजनों को बनाने की विधि व पौष्टिकता के बारे में लिखा गया है।
गढ़वाली कुमाऊंनी गढ़ भोज को प्रोत्साहित किए जाने के लिए वर्ष 2001 से गढ़भोज अभियान शुुरू किया गया है। उत्तरकाशी से शुुुरू हुए इस अभियान में वर्तमान समय में 500 से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। अभियान को शुरू करने वाले द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने बताया कि अभियान अपने उद्देश्य में सफल हो रहा है। अभियान का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड पुलिस के प्रत्येक मैस में गढ़भोज परोसा जा रहा है। इसके अलावा सरकारी बैठकों व कई होटलों में भी गढ़भोज परोसा जा रहा है। सेमवाल ने बताया कि जीजीआईसी डुंडा ने कक्षा 12 की प्रयोगात्मक परीक्षा में गढ़भोज शामिल किया। सभी स्कूलों में मिड-डे मील में गढ़ भोज शामिल किए जाने के लिए पैरवी शुरू कर दी गई है। गढ़भोज अभियान का प्रयास रहेगा कि मिड-डे मील में गढ़भोज जल्द से जल्द शामिल किया जाए। अभियान के तहत गढ़भोज नाम से एक पुस्तक भी प्रकाशित की गई है। इसमें गढ़भोज के करीब 35 व्यंजनों को बनाने की विधि और इनकी पौष्टिकता के बारे में लिखा गया है।
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गढ़वाली कुमाऊंनी गढ़ भोज को प्रोत्साहित किए जाने के लिए वर्ष 2001 से गढ़भोज अभियान शुुरू किया गया है। उत्तरकाशी से शुुुरू हुए इस अभियान में वर्तमान समय में 500 से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। अभियान को शुरू करने वाले द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने बताया कि अभियान अपने उद्देश्य में सफल हो रहा है। अभियान का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड पुलिस के प्रत्येक मैस में गढ़भोज परोसा जा रहा है। इसके अलावा सरकारी बैठकों व कई होटलों में भी गढ़भोज परोसा जा रहा है। सेमवाल ने बताया कि जीजीआईसी डुंडा ने कक्षा 12 की प्रयोगात्मक परीक्षा में गढ़भोज शामिल किया। सभी स्कूलों में मिड-डे मील में गढ़ भोज शामिल किए जाने के लिए पैरवी शुरू कर दी गई है। गढ़भोज अभियान का प्रयास रहेगा कि मिड-डे मील में गढ़भोज जल्द से जल्द शामिल किया जाए। अभियान के तहत गढ़भोज नाम से एक पुस्तक भी प्रकाशित की गई है। इसमें गढ़भोज के करीब 35 व्यंजनों को बनाने की विधि और इनकी पौष्टिकता के बारे में लिखा गया है।
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