फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Species of apples will be protected from plant tissue culture

प्लांट टिशू कल्चर से संरक्षित होंगी सेब की प्रजाति

Sun, 31 Jan 2021 09:35 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 09:35 PM IST
विज्ञापन
Species of apples will be protected from plant tissue culture
मौसम परिवर्तन और घटती पैदावार के कारण समाप्त होती जा रही सेब की गोल्डन और रेड डिलिसियस (विल्सन) जैसी प्रजातियों के संरक्षण व संवर्धन की उम्मीद जगी है। इसके लिए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने प्लांट टिशू कल्चर लैब तैयार की है। जिसके जरिये सेब की विलुप्त प्राय प्रजातियों के संरक्षण व संवर्धन के साथ नई व उन्नत किस्म भी तैयार की जाएगी।
विज्ञापन

जिले में हर्षिल घाटी सहित मोरी के आराकोट, बंगाण आदि क्षेत्र सेब उत्पादन के लिए जाने जाते हैं। मौसम के बदलते मिजाज के कारण यहां होने वाली करीब डेढ़ सौ साल पुरानी गोल्डन और रेड डिलिसियस प्रजाति पर काफी बुरा असर पड़ा है। सरकार अब कृषि एवं बागवानी से संबंधित प्लांट टिशू कल्चर तकनीक का इस्तेमाल सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए करने जा रही है, जिसके लिए जिला मुख्यालय से करीब आठ किमी की दूर नेताला में जिला योजना से 20 लाख से अत्याधुनिक लैब तैयार की गई है। जहां शोध वैज्ञानिक रूट स्टॉक डेवलपमेंट व क्लोनिंग आदि तकनीकों के माध्यम से प्रजाति संरक्षण और नई व उन्नत किस्म तैयार करने पर काम करेंगे। लैब और नर्सरी से होते हुए उन्नत पौध बागवानों तक पहुंचेगी।
विज्ञापन

रोग मुक्त पौध तैयार करना संभव
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. रजनीश ने बताया कि प्लांट टिशू कल्चर (पादप उत्तक संवर्धन) एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसमें पौधे की एक मात्र कोशिका से पूरे पौधे का निर्माण किया जा सकता है। इस लैब का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें पौधे की सौ फीसदी शुद्ध और रोग मुक्त किस्म तैयार की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला योजना से प्लांट टिशू कल्चर लैब तैयार की गई है, जिसमें टिशू कल्चर से सेब के रूट स्टॉक डेवलपमेंट और नई व उन्नत किस्म विकसित की जाएगी। जिससे निश्चित तौर पर सेब उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

मयूर दीक्षित, डीएम उत्तरकाशी।
लैब में दो सीनियर रिसर्च फैलो की नियुक्ति होनी है, जिसके लिए चयन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। चयन के बाद उनकी ट्रेनिंग और सहायक स्टाफ की तैनाती के बाद लैब में काम शुरू हो जाएगा।
डॉ. रजनीश, जिला उद्यान अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed