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Uttarkashi News: ग्रामीणों और प्रशासन से बीच वार्ता रही विफल
Wed, 02 Sep 2026 05:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 02 Sep 2026 05:41 PM IST
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विस्थापन व पुनर्वास के लिए ग्रामीणों का धरना जारी
चिन्यालीसौड़। भल्डगांव में विस्थापन और पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना 23वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम देवानंद शर्मा और तहसीलदार जब्बर सिंह असवाल ने सुरक्षा कारणों से ग्रामीणों से धरना समाप्त करने व इसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने को कहा। ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रस्ताव को सिरे से नकारते हुए आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
बुधवार को प्रशासन के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक वार्ता हुई लेकिन मांगों को लेकर सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों का कहना है कि विस्थापन और पुनर्वास की मांग लंबे समय से लंबित है। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ऐसे में अब केवल आश्वासन के आधार पर धरना खत्म नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने धरना स्थल बदलने से भी स्पष्ट इनकार कर दिया। आंदोलनकारियों ने पूर्व में लिए गए जल समाधि के निर्णय पर कायम रहने की बात दोहराई। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। वार्ता विफल होने के बाद ग्रामीण धरना स्थल पर डटे रहे। इस मौके पर गोपीनाथ सिंह रावत, सागर भंडारी, कमलू लाल, कमल लाल, दीपक, जगदीश प्रसाद, वीरू लाल, बुद्धि लाल, राहुल, सुंदर मणि नौटियाल, विमला देवी, सुमति देवी, जूरी देवी, प्यारी देवी आदि मौजूद रहीं।
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चिन्यालीसौड़। भल्डगांव में विस्थापन और पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना 23वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम देवानंद शर्मा और तहसीलदार जब्बर सिंह असवाल ने सुरक्षा कारणों से ग्रामीणों से धरना समाप्त करने व इसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने को कहा। ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रस्ताव को सिरे से नकारते हुए आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
बुधवार को प्रशासन के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक वार्ता हुई लेकिन मांगों को लेकर सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों का कहना है कि विस्थापन और पुनर्वास की मांग लंबे समय से लंबित है। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ऐसे में अब केवल आश्वासन के आधार पर धरना खत्म नहीं किया जाएगा।
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ग्रामीणों ने धरना स्थल बदलने से भी स्पष्ट इनकार कर दिया। आंदोलनकारियों ने पूर्व में लिए गए जल समाधि के निर्णय पर कायम रहने की बात दोहराई। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। वार्ता विफल होने के बाद ग्रामीण धरना स्थल पर डटे रहे। इस मौके पर गोपीनाथ सिंह रावत, सागर भंडारी, कमलू लाल, कमल लाल, दीपक, जगदीश प्रसाद, वीरू लाल, बुद्धि लाल, राहुल, सुंदर मणि नौटियाल, विमला देवी, सुमति देवी, जूरी देवी, प्यारी देवी आदि मौजूद रहीं।
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