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हर्षिल पुल को बचाने के लिए सुरक्षा कार्य शुरू
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हर्षिल बैली ब्रिज को बचाने के लिए सुरक्षा कार्य शुरू हो गए हैं। बुधवार को लोनिवि और लोनिवि विश्व बैंक के अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर खतरे की जद में आए पुल का जायजा लिया। पुल को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार के निर्माण के साथ एबेटमेंट के नीचे कंकरीट वॉल और बीटी कॉलम खड़ा कर मजबूती प्रदान की गई है।
खोदाई के कारण बने गड्ढे और भागीरथी नदी में जलस्तर बढ़ने से शुरू हुए भू-कटाव के कारण पुल के एबेटमेंट पर दरारें उभर आई थीं। भू-कटाव सक्रिय होने से पुल के ढहने की आशंका बनी हुई थी। साथ ही हर्षिल बाजार, मुखबा, बगोरी व आर्मी कैंप को भी खतरा उत्पन्न हो गया था। मंगलवार देर शाम को प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई। वहीं बुधवार को इस संबंध में हर्षिल पुल के खतरे की जद में आने संबंधित खबरें प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन सहित लोनिवि, लोनिवि विश्व बैंक के अधिकारी हरकत में आए।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता आरएस खत्री ने बताया कि लोनिवि विश्व बैंक की ओर से पुल की सुरक्षा के लिए कार्य शुरू किए गए हैं, जिसमें भू-कटाव की जगह छह से सात मीटर तक ऊंची दीवार का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुल के एबेटमेंट के नीचे कंकरीट वॉल और लोहे का बीटी कॉलम खड़ा किया गया है।
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सुरक्षा कार्य के बाद ही शुरू करें नए पुल का निर्माण
हर्षिल के ग्राम प्रधान दिनेश रावत, माधवेंद्र रावत, अरविंद रावत, बिशन सिंह, जगमोहन बिष्ट आदि ने हर्षिल पुल का सुरक्षा कार्य पूरा करने के बाद ही नए पुल का निर्माण शुरू करने की मांग उठाई है। कहा कि जब तक पुल का निर्माण पूरा नहीं होगा, तब तक किसी भी सूरत में नए पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जाना चाहिए।
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खोदाई के कारण बने गड्ढे और भागीरथी नदी में जलस्तर बढ़ने से शुरू हुए भू-कटाव के कारण पुल के एबेटमेंट पर दरारें उभर आई थीं। भू-कटाव सक्रिय होने से पुल के ढहने की आशंका बनी हुई थी। साथ ही हर्षिल बाजार, मुखबा, बगोरी व आर्मी कैंप को भी खतरा उत्पन्न हो गया था। मंगलवार देर शाम को प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई। वहीं बुधवार को इस संबंध में हर्षिल पुल के खतरे की जद में आने संबंधित खबरें प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन सहित लोनिवि, लोनिवि विश्व बैंक के अधिकारी हरकत में आए।
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लोनिवि के अधिशासी अभियंता आरएस खत्री ने बताया कि लोनिवि विश्व बैंक की ओर से पुल की सुरक्षा के लिए कार्य शुरू किए गए हैं, जिसमें भू-कटाव की जगह छह से सात मीटर तक ऊंची दीवार का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुल के एबेटमेंट के नीचे कंकरीट वॉल और लोहे का बीटी कॉलम खड़ा किया गया है।
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सुरक्षा कार्य के बाद ही शुरू करें नए पुल का निर्माण
हर्षिल के ग्राम प्रधान दिनेश रावत, माधवेंद्र रावत, अरविंद रावत, बिशन सिंह, जगमोहन बिष्ट आदि ने हर्षिल पुल का सुरक्षा कार्य पूरा करने के बाद ही नए पुल का निर्माण शुरू करने की मांग उठाई है। कहा कि जब तक पुल का निर्माण पूरा नहीं होगा, तब तक किसी भी सूरत में नए पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जाना चाहिए।