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हाथी पर सवार होकर निकले कंडार देवता
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 16 Jan 2016 08:38 PM IST
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‘हाथी का स्वांग’ में लकड़ी से बने विशाल हाथी पर सवार क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता की मूर्ति और इसके आगे ढोल-दमाऊ की थाप पर नृत्य करते ग्रामीणों का हुजूम जब नगर में निकला तो हर कोई इसे देखता रह गया।
इससे पूर्व बाड़ाहाट क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा शुक्रवार रात को भी चमाला की चौरी पर पांडव नृत्य एवं ऐड़ी का स्वांग का आयोजन किया गया।
माघ मेला के पौराणिक स्वरूप बाड़ाहाट का थौलु की परंपराओं को पुनर्जीवित करने के प्रयास के तहत पाटा, संग्राली, बग्यालगांव, लक्षेश्वर, गंगोरी, बाड़ाहाट क्षेत्र के ग्रामीण बीते तीन सालों से माघ मेला में पांडव नृत्य, हाथी का स्वांग, ऐड़ी का स्वांग, देव डोलियों के साथ रांसो नृत्य का आयोजन कर रहे हैं।
इसी क्रम में शनिवार को नगर में हाथी का स्वांग की शोभा यात्रा निकाली गई। लकड़ी से बने हाथी को भव्य रूप से सजा कर इस पर क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता की विग्रह मूर्ति को विराजित किया गया।
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इसके बाद भैरव चौक से नगर के मुख्य मार्गों तथा मेला प्रांगण से होते हुए भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा के दौरान ग्रामीण ढोल-दमाऊ की थाप पर नृत्य करते नजर आए।
नगर के चौक चौराहों पर रांसो नृत्य करते ग्रामीणों की श्रृंखला ने क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। मार्ग में लोगों ने पुष्प वर्षा का देवता का अभिनंदन किया।
आयोजन में जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, कुलदीप बिष्ट, लोकेंद्र बिष्ट, बुद्धि सिंह पंवार, सुरेंद्र पुरी, पदम सिंह, मुकेश बलूनी, दिनेश डंगवाल, अमर सिंह, दशरथ प्रसाद भट्ट, प्यारेलाल शाह, सुनीता भट्ट, राजेंद्री देवी, चंद्रमोहन भट्ट, शिवराम डंगवाल, मंगल सिंह, मदन लाल, मक्खन लाल, ज्योति प्रसाद नैथानी आदि शामिल हुए।
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इससे पूर्व बाड़ाहाट क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा शुक्रवार रात को भी चमाला की चौरी पर पांडव नृत्य एवं ऐड़ी का स्वांग का आयोजन किया गया।
माघ मेला के पौराणिक स्वरूप बाड़ाहाट का थौलु की परंपराओं को पुनर्जीवित करने के प्रयास के तहत पाटा, संग्राली, बग्यालगांव, लक्षेश्वर, गंगोरी, बाड़ाहाट क्षेत्र के ग्रामीण बीते तीन सालों से माघ मेला में पांडव नृत्य, हाथी का स्वांग, ऐड़ी का स्वांग, देव डोलियों के साथ रांसो नृत्य का आयोजन कर रहे हैं।
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इसी क्रम में शनिवार को नगर में हाथी का स्वांग की शोभा यात्रा निकाली गई। लकड़ी से बने हाथी को भव्य रूप से सजा कर इस पर क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता की विग्रह मूर्ति को विराजित किया गया।
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इसके बाद भैरव चौक से नगर के मुख्य मार्गों तथा मेला प्रांगण से होते हुए भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा के दौरान ग्रामीण ढोल-दमाऊ की थाप पर नृत्य करते नजर आए।
नगर के चौक चौराहों पर रांसो नृत्य करते ग्रामीणों की श्रृंखला ने क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। मार्ग में लोगों ने पुष्प वर्षा का देवता का अभिनंदन किया।
आयोजन में जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, कुलदीप बिष्ट, लोकेंद्र बिष्ट, बुद्धि सिंह पंवार, सुरेंद्र पुरी, पदम सिंह, मुकेश बलूनी, दिनेश डंगवाल, अमर सिंह, दशरथ प्रसाद भट्ट, प्यारेलाल शाह, सुनीता भट्ट, राजेंद्री देवी, चंद्रमोहन भट्ट, शिवराम डंगवाल, मंगल सिंह, मदन लाल, मक्खन लाल, ज्योति प्रसाद नैथानी आदि शामिल हुए।