{"_id":"627be1061d1ed473e06af115","slug":"revised-local-products-very-much-liked-by-pilgrims-1-37-lakhs-were-sold-utter-kashi-news-drn4114562114","type":"story","status":"publish","title_hn":"संशोधित..तीर्थयात्रियों को खूब भा रहे स्थानीय उत्पाद, 1.37 लाख की हुई बिक्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संशोधित..तीर्थयात्रियों को खूब भा रहे स्थानीय उत्पाद, 1.37 लाख की हुई बिक्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों को यहां के स्थानीय उत्पाद जूस, मसाले, दालें, ऊनी वस्त्र व रिंगाल से बनी टोकरियां आदि खूब पसंद आ रहे हैं। इसी का परिणाम है कि यात्रा मार्ग पर खोले गए स्टॉलों से चार दिन में एक लाख से अधिक रुपये की बिक्री हो चुकी है।
एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना (आईएलएसपी) के सहयोग से जिला प्रशासन ने यात्रा पड़ावों पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री शुरू की है, जिसके तहत गंगोत्री, यमुनोत्री हाईवे और बदरीनाथ व केदारनाथ जाने वाले बाईपास मार्ग उत्तरकाशी-लंबगांव रोड पर सुक्की टॉप, गरतांग गली, मनेरी फॉल, मैगी प्वाइंट, भटवाड़ी, नलुणा, धरासू व खरादी आदि में 12 जगह स्थानीय उत्पादों के अस्थाई स्टॉल लगाए जा रहे हैं। 5 मई से शुरू किए गए इन स्टॉलों में यात्रियों के लिए राजमा दाल, मसाले, जूस, जैम, काष्टकला, रिंगाल की टोकरियां, फैंसी लाइट, शहद, शीलोटा नमक, खीरा, एलईडी बल्ब, आचार आदि बिक्री के लिए रखे गए हैं। जिनमें तीर्थयात्रियों को खास तौर पर माल्टा व बुरांश का स्क्वैश, मसाले, पहाड़ी दालें, ऊनी वस्त्र और रिंगाल की टोकरी खूब पसंद आ रहे हैं, जिनमें चार दिन में स्टॉलों से कुल 137000 रुपये की बिक्री हो चुकी है। आईएलएसपी के प्रभागीय परियोजना प्रबंधक कपिल उपाध्याय ने बताया कि प्रतिदिन सुबह दस से शाम चार बजे तक लगने वाले इन स्टॉलों पर हिलांश ब्रॉड से बिक रहे स्थानीय उत्पादों को यात्री का खासा पसंद कर रहे हैं।
ये स्वयं सहायता समूह हैं शामिल
यात्रा मार्गों पर लगे इन स्टॉलों से जय विश्वनाथ गंगोत्री ग्राम संगठन, सोमेश्वर ग्राम संगठन, आदर्श ग्राम संगठन, सोमेश्वर कंडार ग्राम संगठन, आजीविका संजीवनी स्वयं सहायता समूह, सोमेश्वर ग्राम संगठन, हरि महाराज, जगदंबा, कैलासु, सर्व शक्ति कलस्टर तुल्याड़ा, यमुना ग्राम संगठन जुड़े हुए हैं, जिसमें समूह के 80 से अधिक सदस्य शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना (आईएलएसपी) के सहयोग से जिला प्रशासन ने यात्रा पड़ावों पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री शुरू की है, जिसके तहत गंगोत्री, यमुनोत्री हाईवे और बदरीनाथ व केदारनाथ जाने वाले बाईपास मार्ग उत्तरकाशी-लंबगांव रोड पर सुक्की टॉप, गरतांग गली, मनेरी फॉल, मैगी प्वाइंट, भटवाड़ी, नलुणा, धरासू व खरादी आदि में 12 जगह स्थानीय उत्पादों के अस्थाई स्टॉल लगाए जा रहे हैं। 5 मई से शुरू किए गए इन स्टॉलों में यात्रियों के लिए राजमा दाल, मसाले, जूस, जैम, काष्टकला, रिंगाल की टोकरियां, फैंसी लाइट, शहद, शीलोटा नमक, खीरा, एलईडी बल्ब, आचार आदि बिक्री के लिए रखे गए हैं। जिनमें तीर्थयात्रियों को खास तौर पर माल्टा व बुरांश का स्क्वैश, मसाले, पहाड़ी दालें, ऊनी वस्त्र और रिंगाल की टोकरी खूब पसंद आ रहे हैं, जिनमें चार दिन में स्टॉलों से कुल 137000 रुपये की बिक्री हो चुकी है। आईएलएसपी के प्रभागीय परियोजना प्रबंधक कपिल उपाध्याय ने बताया कि प्रतिदिन सुबह दस से शाम चार बजे तक लगने वाले इन स्टॉलों पर हिलांश ब्रॉड से बिक रहे स्थानीय उत्पादों को यात्री का खासा पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
ये स्वयं सहायता समूह हैं शामिल
यात्रा मार्गों पर लगे इन स्टॉलों से जय विश्वनाथ गंगोत्री ग्राम संगठन, सोमेश्वर ग्राम संगठन, आदर्श ग्राम संगठन, सोमेश्वर कंडार ग्राम संगठन, आजीविका संजीवनी स्वयं सहायता समूह, सोमेश्वर ग्राम संगठन, हरि महाराज, जगदंबा, कैलासु, सर्व शक्ति कलस्टर तुल्याड़ा, यमुना ग्राम संगठन जुड़े हुए हैं, जिसमें समूह के 80 से अधिक सदस्य शामिल हैं।
विज्ञापन