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रेल पहुंचाने में रेलवे मंत्री का दौरा अहम
ब्यूरो/ अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Sat, 13 May 2017 10:39 PM IST
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केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु के उत्तरकाशी दौरे से जिले में रेल लाइन बिछाए जाने की प्रबल संभावनाएं बढ़ गई है। ऐसे में एक तरफ जहां काश्तकारों को अपना माल बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, तो दूसरी ओर चारधाम यात्रा के तहत गंगोत्री-यमुनोत्री आने वाले तीर्थयात्रियों की यात्रा पहले से सुगम होगी।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में चारों धामों को रेल सेवा से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। इस कड़ी में केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु भी रविवार को जिले के दौरे पर हैं। हालांकि वह हर्षिल में हेलीकाप्टर से उतरकर सीधे गंगोत्री धाम पहुंचेंगे, जहां वे व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। लेकिन केंद्रीय रेल मंत्री के इस दौरे को स्थानीय लोग व जनप्रतिनिधि जिले को रेल सेवा से जोड़ने की कवायद में अहम कड़ी मान रहे हैं।
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जिले को रेल सेवा से जोड़ने की कवायद हालांकि पहले शुरू हो गई थी। दिसंबर 2015 में तब नार्दन रेलवे के सीनियर ट्रैफिक मैनेजर रणवीर सिंह उत्तरकाशी पहुंचे थे। यहां उन्होंने कलेक्ट्रेट में तत्कालीन एडीएम अशोक कुमार पांडेय की मौजूदगी में जिला प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी।
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भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लोकेंद्र सिंह बिष्ट के अनुसार पूर्व में जो बैठक हुई थी उसमें वह भी शामिल थे। तब देहरादून से हर्रावाला होते हुए रानीपोखरी, आगराखाल, जाजल, चंबा से चिन्यालीसौड़, धरासू , उत्तरकाशी से मेनेरी तक रेल लाइन बिछाने का सर्वे किया गया था। वर्तमान में डोईवाला से मनेरी तक करीब 131 किमी रेल लाइन प्रस्तावित है।
चीन सीमा तक बिछा चुका सड़क का जाल
सामरिक दृष्टि से जिला चीन की सीमा से सटा हुआ है। बार्डर एरिया की बात करें तो चीन अपनी सीमा तक मजबूत सड़कों का जाल पहले ही बिछा चुका है, जबकि भारत अभी भी अपनी सीमा से करीब 50 किमी पीछे तक ही सड़क बना पाया है। जिले में भैरवघाटी से बार्डर एरिया तक बनी करीब 57 किमी सड़क में से करीब 14 किमी को बीआरओ पक्की कर चुका है।