देवस्थानम प्रबंधन विधेयक के विरोध में शुक्रवार को यमुनोत्री धाम के तीर्थपुरोहितों ने तहसील मुख्यालय में विशाल जुलूस निकाला। श्री पंचपंडा समिति यमुनोत्री धाम हिमालय के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का कांग्रेस पार्टी ने भी समर्थन किया। इस अवसर पर आक्रोशित पुरोहितों ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर विधेयक को निरस्त करने की मांग की। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
प्रदेश सरकार द्वारा पारित किए गए देवस्थानम प्रबंधन विधेयक को लेकर पुरोहित समाज का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला मुख्यालय परिसर में गंगोत्री धाम के पुरोहित बीते सात दिसंबर से बेमियादी धरने पर बैठे हुए हैं। जबकि अन्य धामों के पुरोहित भी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को यमुनोत्री धाम के तीर्थपुरोहितों व हकहकूकधारियों ने बड़कोट तहसील मुख्यालय में विशाल जुलूस निकाला। पुराने बाजार से निकाले गए जुलूस के दौरान पुरोहितों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। नगर के मुख्य चौक चौराहों से होते हुए जुलूस तहसील मुख्यालय पहुंचा। जहां पुरोहित समाज ने एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेज कर विधेयक को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए श्री पंचपंडा समिति यमुनोत्री धाम हिमालय के अध्यक्ष वेदप्रकाश उनियाल ने कहा कि तमाम विरोध के बावजूद सरकार ने चारों धामों सहित प्रदेश के 51 मंदिरों की समीतियों व उप समितियों को देवस्थानम प्रबंधन विधेयक के अधीन कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही इस विधेयक को निरस्त नहीं किया गया तो पुरोहित समाज आगामी चार धाम यात्रा का बहिष्कार करेगा। साथ ही इस मामले को लेकर न्यायालय में भी अपील की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में विकास उनियाल, हरीश डिमरी, नरेशानंद नौटियाल, रविंद्र सेमवाल, सुरेश सेमवाल, कृत्तेश्वर उनियाल, जयप्रकाश उनियाल, मनमोहन उनियाल, बागेश्वर उनियाल, रमण प्रसाद, सुभाष उनियाल, प्यारेलाल उनियाल, गिरीश उनियाल, कुलदीप उनियाल आदि पुरोहितों सहित कांग्रेस नेता संजय डोभाल, अजबीन पंवार, अतोल रावत आदि शामिल रहे।