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Uttarkashi News: बारिश से पापड़गाड उफनाया, मलबा व बोल्डर से क्यार्क गांव के खेतों को नुकसान
Tue, 01 Sep 2026 07:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 01 Sep 2026 07:21 PM IST
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स्थानीय लोग बोले, मानसून सीजन में तीन बार बढ़ चुका है पापड़गाड का जलस्तर
ग्रामीणों ने की जल्द सर्वे कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग
उत्तरकाशी। मंगलवार दोपहर को भटवाड़ी क्षेत्र में तेज बारिश होने के कारण पापड़गाड का जलस्तर बढ़ने के कारण उसके साथ मलबा और बोल्डर बहकर आए। इससे क्यार्क गांव के ग्रामीणों की खेती को नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून सीजन में इसका जलस्तर तीन बार बढ़ चुका है। साथ लगातार आ रहा मलबा और बोल्डर दयारा बुग्याल क्षेत्र में भारी भूस्खलन का संकेत दे रहे हैं। इसलिए जल्द ही इसका सर्वे का सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
पापड़गाड का जलस्तर बढ़ने के कारण जिला प्रशासन की ओर से मनेरी डैम सहित जनपद मुख्यालय और धरासू क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया। हालांकि कुछ देर बाद जलस्तर सामान्य होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। पूर्व प्रधान विपिन राणा ने बताया कि इस मानसून सीजन में तीसरी बार पापड़गाड का जलस्तर बढ़ने पर उसमें भारी मलबा और बोल्डर बहकर आ रहे हैं।
इससे यही लग रहा है कि दयारा बुग्याल के नहेटा के जंगलों में कहीं पर भारी भूस्खलन हो रहा है। इससे समय रहते नदी के मुहाने का स्थलीय निरीक्षण किया जाना चाहिए। बताया कि पापड़गाड गंगोत्री हाईवे सहित इसके पुल और क्यार्क गांव और चड़ेथी बाजार के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
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पूर्व के वर्षों में भी पापड़गाड कई बार गंगोत्री हाईवे को नुकसान पहुंचा चुकी है। साथ ही गत वर्ष भागीरथी नदी का बहाव भी रोक दिया था। हालांकि बाद में वह स्वयं ही खुल गया था। इसलिए समय रहते अगर पापड़गाड नदी के मुुहाने पर यथास्थिति की जानकारी नहीं ली गई तो यह भविष्य में बड़ा खतरा हो सकता है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि पापड़गाड पर बीआरओ के जवान तैनात हैं। साथ ही बरसात को देखते हुए सभी नदी और गदेरों की निगरानी की जा रही है।
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ग्रामीणों ने की जल्द सर्वे कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग
उत्तरकाशी। मंगलवार दोपहर को भटवाड़ी क्षेत्र में तेज बारिश होने के कारण पापड़गाड का जलस्तर बढ़ने के कारण उसके साथ मलबा और बोल्डर बहकर आए। इससे क्यार्क गांव के ग्रामीणों की खेती को नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून सीजन में इसका जलस्तर तीन बार बढ़ चुका है। साथ लगातार आ रहा मलबा और बोल्डर दयारा बुग्याल क्षेत्र में भारी भूस्खलन का संकेत दे रहे हैं। इसलिए जल्द ही इसका सर्वे का सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
पापड़गाड का जलस्तर बढ़ने के कारण जिला प्रशासन की ओर से मनेरी डैम सहित जनपद मुख्यालय और धरासू क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया। हालांकि कुछ देर बाद जलस्तर सामान्य होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। पूर्व प्रधान विपिन राणा ने बताया कि इस मानसून सीजन में तीसरी बार पापड़गाड का जलस्तर बढ़ने पर उसमें भारी मलबा और बोल्डर बहकर आ रहे हैं।
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इससे यही लग रहा है कि दयारा बुग्याल के नहेटा के जंगलों में कहीं पर भारी भूस्खलन हो रहा है। इससे समय रहते नदी के मुहाने का स्थलीय निरीक्षण किया जाना चाहिए। बताया कि पापड़गाड गंगोत्री हाईवे सहित इसके पुल और क्यार्क गांव और चड़ेथी बाजार के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
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पूर्व के वर्षों में भी पापड़गाड कई बार गंगोत्री हाईवे को नुकसान पहुंचा चुकी है। साथ ही गत वर्ष भागीरथी नदी का बहाव भी रोक दिया था। हालांकि बाद में वह स्वयं ही खुल गया था। इसलिए समय रहते अगर पापड़गाड नदी के मुुहाने पर यथास्थिति की जानकारी नहीं ली गई तो यह भविष्य में बड़ा खतरा हो सकता है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि पापड़गाड पर बीआरओ के जवान तैनात हैं। साथ ही बरसात को देखते हुए सभी नदी और गदेरों की निगरानी की जा रही है।