{"_id":"e06f5510a20136eb3822d7c21d286d4a","slug":"ngt-bewildered-stringent-approach-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनजीटी के कड़े रुख से घबराए अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनजीटी के कड़े रुख से घबराए अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Sun, 07 Feb 2016 09:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनजीटी के कड़े रुख और व्यक्तिगत तौर पर सजा मिलने से घबराए अधिकारी जल्दबाजी में गोमुख से उत्तरकाशी तक संवेदी क्षेत्र के विकास के लिए जोनल मास्टर प्लान पेश करने की तैयारी तो कर रहे हैं, लेकिन बिना जनता के सुझाव लिए तैयार प्लान पर ही सवाल उठने लगे हैं।
मास्टर प्लान के लिए जन सुझाव लेने के उद्देश्य से प्रशासन ने क्षेत्र में बैठकें बुलाई थीं, लेकिन सभी बैठकें विरोध के भेंट चढ़ने के कारण इसमें जनता के सुझाव शामिल नहीं हुए।
एनजीटी के कड़े रुख और संवेदी क्षेत्र में किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगाए जाने से हरकत में आई सरकारी मशीनरी अब आनन-फानन में एनजीटी के समक्ष जोनल मास्टर प्लान पेश करने की तैयारी कर रही है।
विज्ञापन
जिला प्रशासन ने शनिवार को देहरादून में हुई मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक में जोनल मास्टर प्लान पेश किया।
कोट..........
राज्य सरकार की ओर से दो जोनल मास्टर प्लान मिले, लेकिन ये प्लान कहलाने लायक ही नहीं हैं। एनजीटी के कड़े रुख और व्यक्तिगत तौर पर सजा मिलने से घबराए अधिकारियों द्वारा जल्दबाजी में तैयार प्लान जनता के लिए कतई अच्छा नहीं हो सकता। प्लान को पुनर्विचार के लिए वापस भेजा जा सकता है।
डा. रवि चोपड़ा, सदस्य मॉनीटरिंग कमेटी संवेदी क्षेत्र।
कोट.........
जोनल मास्टर प्लान में क्षेत्र की जनता के सुझाव के लिए पूर्व में जन सुनवाई बैठकें बुलाई गई थीं, लेकिन जनविरोध के चलते ये बैठकें सफल नहीं हुईं। जनविरोध से एनजीटी को अवगत कराने पर विभागीय स्तर पर प्लान बनाने के आदेश हुए थे। प्लान तैयार कर मॉनीटरिंग कमेटी को सौंप दिया गया है। इसे शीघ्र अंतिम रूप देकर एनजीटी के समक्ष पेश किया जाएगा।
विनय शंकर पांडेय, डीएम उत्तरकाशी।
विज्ञापन
मास्टर प्लान के लिए जन सुझाव लेने के उद्देश्य से प्रशासन ने क्षेत्र में बैठकें बुलाई थीं, लेकिन सभी बैठकें विरोध के भेंट चढ़ने के कारण इसमें जनता के सुझाव शामिल नहीं हुए।
विज्ञापन
एनजीटी के कड़े रुख और संवेदी क्षेत्र में किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगाए जाने से हरकत में आई सरकारी मशीनरी अब आनन-फानन में एनजीटी के समक्ष जोनल मास्टर प्लान पेश करने की तैयारी कर रही है।
विज्ञापन
जिला प्रशासन ने शनिवार को देहरादून में हुई मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक में जोनल मास्टर प्लान पेश किया।
कोट..........
राज्य सरकार की ओर से दो जोनल मास्टर प्लान मिले, लेकिन ये प्लान कहलाने लायक ही नहीं हैं। एनजीटी के कड़े रुख और व्यक्तिगत तौर पर सजा मिलने से घबराए अधिकारियों द्वारा जल्दबाजी में तैयार प्लान जनता के लिए कतई अच्छा नहीं हो सकता। प्लान को पुनर्विचार के लिए वापस भेजा जा सकता है।
डा. रवि चोपड़ा, सदस्य मॉनीटरिंग कमेटी संवेदी क्षेत्र।
कोट.........
जोनल मास्टर प्लान में क्षेत्र की जनता के सुझाव के लिए पूर्व में जन सुनवाई बैठकें बुलाई गई थीं, लेकिन जनविरोध के चलते ये बैठकें सफल नहीं हुईं। जनविरोध से एनजीटी को अवगत कराने पर विभागीय स्तर पर प्लान बनाने के आदेश हुए थे। प्लान तैयार कर मॉनीटरिंग कमेटी को सौंप दिया गया है। इसे शीघ्र अंतिम रूप देकर एनजीटी के समक्ष पेश किया जाएगा।
विनय शंकर पांडेय, डीएम उत्तरकाशी।