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यमुनोत्री पैदल मार्ग पर थमने का नाम नहीं ले रहा भूस्खलन का सिलसिला
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जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भिडियालीगाड़ के पास भूस्खलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को यहां फिर से बोल्डरों की बरसात होने से लोनिवि का आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त शेड पूरी तरह ध्वस्त हो गया। बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी रहने से यहां वैकल्पिक रास्ता बना रहे मजदूर भयभीत हैं। प्रशासन द्वारा रास्ता बनने तक यात्रा पर रोक के बावजूद कई तीर्थयात्री जोखिम उठाकर धाम पहुंच रहे हैं।
बीते शुक्रवार को भारी भूस्खलन होने से जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग का करीब 40 मीटर हिस्सा और पैदल पुलिया तबाह हो गई थी, जिससे यमुनोत्री धाम की यात्रा थमी हुई है। लोनिवि द्वारा वैकल्पिक रास्ता बनाया जा रहा है। सोमवार को भारी बोल्डरों की बरसात होने से पूर्व में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ लोनिवि का यात्री शेड पूरा टूट गया है।
लोनिवि के जेई रविंद्र चौहान ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग भूस्खलन वाले हिस्से से कुछ हटकर बनाया जा रहा है, लेकिन भारी बोल्डर गिरने से खतरे की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि मजदूरों ने करीब 130 मीटर रास्ता तैयार कर लिया है। अभी ढाई सौ मीटर लंबा रास्ता बनना शेष है। यमुनोत्री पैदल मार्ग अवरुद्ध होने के कारण प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ता बनने तक यमुनोत्री धाम की यात्रा पर रोक लगाई है। इसके बावजूद कई तीर्थयात्री जोखिम उठाकर यमुनोत्री धाम तक पहुंच रहे हैं।
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बीते शुक्रवार को भारी भूस्खलन होने से जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग का करीब 40 मीटर हिस्सा और पैदल पुलिया तबाह हो गई थी, जिससे यमुनोत्री धाम की यात्रा थमी हुई है। लोनिवि द्वारा वैकल्पिक रास्ता बनाया जा रहा है। सोमवार को भारी बोल्डरों की बरसात होने से पूर्व में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ लोनिवि का यात्री शेड पूरा टूट गया है।
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लोनिवि के जेई रविंद्र चौहान ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग भूस्खलन वाले हिस्से से कुछ हटकर बनाया जा रहा है, लेकिन भारी बोल्डर गिरने से खतरे की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि मजदूरों ने करीब 130 मीटर रास्ता तैयार कर लिया है। अभी ढाई सौ मीटर लंबा रास्ता बनना शेष है। यमुनोत्री पैदल मार्ग अवरुद्ध होने के कारण प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ता बनने तक यमुनोत्री धाम की यात्रा पर रोक लगाई है। इसके बावजूद कई तीर्थयात्री जोखिम उठाकर यमुनोत्री धाम तक पहुंच रहे हैं।
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