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Uttarkashi News: सनातन परंपराओं को जीवित रखने के लिए संस्कृत का ज्ञान जरूरी
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उत्तरकाशी संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विजेता छात्र को पुरस्कार देते अति
नगर क्षेत्र में रैली निकालकर किया लोगों को संस्कृत के प्रति जागरूक
उत्तरकाशी। श्री विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय में सात दिवसीय संस्कृत भारती के प्रबोधन वर्ग संपन्न हुआ। अंतिम दिन छात्र-छात्राओं ने नगर क्षेत्र में रैली निकालकर लोगों को संस्कृत के प्रति जागरूक किया।
श्री विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का संपन्न जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत अति प्राचीन भाषाओं में से एक संस्कृत का ज्ञान भंडार अत्यंत वैज्ञानिक है। इस लिए हमें संस्कृत भाषा बोलना अवश्य सीखना चाहिए। पूर्व पालिका अध्यक्ष सुधा गुप्ता ने कहा सनातन परंपराओं को जीवित रखने के लिए संस्कृत का ज्ञान होना आवश्यक है। सेवा भारती के जिला कोषाध्यक्ष कालीराम गुसाईं ने संस्कृत के प्रसार-प्रचार पर जोर दिया।
संस्कृत भारती के प्रांत संघठन मंत्री गौरव शास्त्री ने कहा कि वे दिन दूर नहीं जब संस्कृत फैशन के साथ-साथ पैसन के रूप में दुनिया स्वीकार करेगी। आज आवश्यकता है तो बस संस्कृत के प्रचार-प्रसार को गति प्रदान करने की। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नगर क्षेत्र में रैली के माध्यम से लोगों को संस्कृत के प्रति जागरूक किया। इस मौके पर डॉ. राधेश्याम खंडूड़ी, प्रांतमंत्री गिरीश तिवारी, नगर संयोजक डॉ. द्वारिका प्रसाद, डॉ. अनिल कुमार मौजूद रहे।
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उत्तरकाशी। श्री विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय में सात दिवसीय संस्कृत भारती के प्रबोधन वर्ग संपन्न हुआ। अंतिम दिन छात्र-छात्राओं ने नगर क्षेत्र में रैली निकालकर लोगों को संस्कृत के प्रति जागरूक किया।
श्री विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का संपन्न जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत अति प्राचीन भाषाओं में से एक संस्कृत का ज्ञान भंडार अत्यंत वैज्ञानिक है। इस लिए हमें संस्कृत भाषा बोलना अवश्य सीखना चाहिए। पूर्व पालिका अध्यक्ष सुधा गुप्ता ने कहा सनातन परंपराओं को जीवित रखने के लिए संस्कृत का ज्ञान होना आवश्यक है। सेवा भारती के जिला कोषाध्यक्ष कालीराम गुसाईं ने संस्कृत के प्रसार-प्रचार पर जोर दिया।
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संस्कृत भारती के प्रांत संघठन मंत्री गौरव शास्त्री ने कहा कि वे दिन दूर नहीं जब संस्कृत फैशन के साथ-साथ पैसन के रूप में दुनिया स्वीकार करेगी। आज आवश्यकता है तो बस संस्कृत के प्रचार-प्रसार को गति प्रदान करने की। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नगर क्षेत्र में रैली के माध्यम से लोगों को संस्कृत के प्रति जागरूक किया। इस मौके पर डॉ. राधेश्याम खंडूड़ी, प्रांतमंत्री गिरीश तिवारी, नगर संयोजक डॉ. द्वारिका प्रसाद, डॉ. अनिल कुमार मौजूद रहे।
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