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Uttarkashi News: 56 लाख खर्च होने के बाद पता चला भूमि है अनुपयुक्त

Tue, 27 Oct 2026 07:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी Updated Tue, 27 Oct 2026 07:39 PM IST
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It was discovered that the land was unsuitable after 5.6 million had already been spent.
जखोल में बनाए जा रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का 30 फीसदी काम पूरा
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भवन निर्माण अब फिर नए सिरे से भूमि चयन की प्रक्रिया में उलझा
पुरोला। मोरी विकासखंड के जखोल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण में हुई देरी ने सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब सात साल पहले घोषित भवन का 30 प्रतिशत निर्माण पूरा करने में लगभग 56 लाख खर्च हो चुके हैं लेकिन अब भू-वैज्ञानिकों ने निर्माणाधीन स्थल को अनुपयुक्त घोषित कर दिया है। ऐसे में भवन निर्माण फिर नए सिरे से भूमि चयन की प्रक्रिया में उलझ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण शुरू करने से पहले भूमि की भूगर्भीय जांच कराई जानी चाहिए थी। समय रहते जांच होती तो सरकारी धन खर्च होने और निर्माण वर्षों तक लटकने की स्थिति से बचा जा सकता था। अब नई भूमि का चयन और आवश्यक जांच पूरी होने तक भवन निर्माण में और देरी की आशंका है।
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जखोल के किशन सिंह रावत ने कार्यदायी संस्था मंडी परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी लापरवाही का खामियाजा पंचगाई पट्टी के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। यह स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के 13 गांवों के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन भवन न बनने से ग्रामीणों को सामान्य उपचार के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने मामले को सरकारी धन के दुरुपयोग से जोड़ते हुए जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है।
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वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने पीएचसी भवन निर्माण की घोषणा की थी। करीब एक वर्ष बाद काम शुरू हुआ और नींव व पिलर तैयार किए गए लेकिन इसके बाद निर्माण ठप हो गया। अब भूमि अनुपयुक्त पाए जाने से परियोजना का भविष्य फिर अधर में है। मंडी परिषद के डीडीएम मनीष पाल सिंह ने पुष्टि की कि भू-वैज्ञानिकों ने मौजूदा स्थल को निर्माण के लिए अनुपयुक्त बताया है। उनके अनुसार, गांव के आसपास नई उपयुक्त भूमि तलाश की जा रही है।
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