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Uttarkashi News: 15-20 दिन में ही उखड़ने लगी 60 लाख की सड़क
Tue, 27 Oct 2026 07:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 27 Oct 2026 07:31 PM IST
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स्थानीय लोगों ने कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल
उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग पर तिलोथ से थलन-मानपुर तक किया गया था डामरीकरण कार्य
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग पर तिलोथ से थलन-मानपुर तक किए गए डामरीकरण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। लोनिवि भटवाड़ी की ओर से करीब सात किलोमीटर सड़क पर 60 लाख की लागत से कराया गया डामरीकरण कार्य पूरा हुए अभी महज 15 से 20 दिन ही बीते हैं लेकिन सड़क पर जगह-जगह गड्ढे उभरने लगे हैं।
लोनिवि भटवाड़ी ने तिलोथ से थलन-मानपुर तक करीब सात किमी सड़क पर हाल ही में डामरीकरण कराया है। इस कार्य पर लगभग 60 लाख खर्च किए गए हैं लेकिन काम पूरा होने के कुछ ही दिनों के भीतर सड़क की सतह क्षतिग्रस्त होने लगी है। विशेष रूप से तिलोथ-कुटेटी की ओर से जहां डामरीकरण शुरू किया गया था वहां बड़े गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। कम समय में सड़क की सतह खराब होने से निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, निर्धारित मानकों के अनुपालन और कार्य की गुणवत्ता की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने डामरीकरण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। लोगों ने सरकारी धन के सदुपयोग और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग उठाई है। मामले में लोनिवि भटवाड़ी के सहायक अभियंता स्वराज चौहान ने बताया कि डामरीकरण के तुरंत बाद वाहनों की आवाजाही होने से कुछ स्थानों पर डामर उखड़ गया था। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
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उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग पर तिलोथ से थलन-मानपुर तक किया गया था डामरीकरण कार्य
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग पर तिलोथ से थलन-मानपुर तक किए गए डामरीकरण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। लोनिवि भटवाड़ी की ओर से करीब सात किलोमीटर सड़क पर 60 लाख की लागत से कराया गया डामरीकरण कार्य पूरा हुए अभी महज 15 से 20 दिन ही बीते हैं लेकिन सड़क पर जगह-जगह गड्ढे उभरने लगे हैं।
लोनिवि भटवाड़ी ने तिलोथ से थलन-मानपुर तक करीब सात किमी सड़क पर हाल ही में डामरीकरण कराया है। इस कार्य पर लगभग 60 लाख खर्च किए गए हैं लेकिन काम पूरा होने के कुछ ही दिनों के भीतर सड़क की सतह क्षतिग्रस्त होने लगी है। विशेष रूप से तिलोथ-कुटेटी की ओर से जहां डामरीकरण शुरू किया गया था वहां बड़े गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। कम समय में सड़क की सतह खराब होने से निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, निर्धारित मानकों के अनुपालन और कार्य की गुणवत्ता की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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स्थानीय लोगों ने डामरीकरण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। लोगों ने सरकारी धन के सदुपयोग और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग उठाई है। मामले में लोनिवि भटवाड़ी के सहायक अभियंता स्वराज चौहान ने बताया कि डामरीकरण के तुरंत बाद वाहनों की आवाजाही होने से कुछ स्थानों पर डामर उखड़ गया था। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
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