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Uttarkashi News: यमुनोत्री में यात्री सुविधाओं को दुरूस्त करने के निर्देश
Sat, 12 Sep 2026 04:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 12 Sep 2026 04:39 PM IST
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धाम की यात्रा व्यवस्थाओं में मिली खामियों पर प्रशासन हुआ सख्त
बड़कोट। चारधाम यात्रा-2026 के दूसरे चरण से पहले यमुनोत्री धाम की यात्रा व्यवस्थाओं में मिली खामियों पर प्रशासन सख्त हो गया है। आयुक्त गढ़वाल मंडल के निर्देश पर चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने बड़कोट-जानकीचट्टी मार्ग से लेकर यमुनोत्री धाम तक व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, सफाई और यात्रियों की सुविधाएं तत्काल दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए।
जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक करीब छह किलोमीटर पैदल मार्ग कई स्थानों पर बारिश से क्षतिग्रस्त मिला। अधूरे कार्यों पर नाराजगी जताते हुए इन्हें 15 सितंबर तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई। धाम में कूड़े के कट्टों के ढेर, पैदल मार्ग पर गंदगी, शौचालयों और घोड़े-खच्चरों के चरी स्थलों में अव्यवस्था मिलने पर भी उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई।
नियमित सफाई, घोड़े-खच्चरों के टीकाकरण और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए गए। मार्ग पर पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध मिलीं। वहीं पालीगाड़-जानकीचट्टी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर सुरक्षित आवाजाही के साथ काम में तेजी लाने को कहा गया। यमुनोत्री धाम में घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी के लिए घोड़ा पड़ाव की सीमित क्षमता को भी चुनौती बनी है।
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उन्होंने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यमुना नदी के दूसरे छोर पर वैकल्पिक मार्ग विकसित करने पर जोर दिया। वन विभाग ने डायवर्जन प्वाइंट से करीब 2.5 किलोमीटर का वैकल्पिक मार्ग विकसित किया है। इस दौरान बताया गया कि जानकीचट्टी में करीब 200 से 300 बड़े वाहनों की पार्किंग क्षमता है।
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बड़कोट। चारधाम यात्रा-2026 के दूसरे चरण से पहले यमुनोत्री धाम की यात्रा व्यवस्थाओं में मिली खामियों पर प्रशासन सख्त हो गया है। आयुक्त गढ़वाल मंडल के निर्देश पर चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने बड़कोट-जानकीचट्टी मार्ग से लेकर यमुनोत्री धाम तक व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, सफाई और यात्रियों की सुविधाएं तत्काल दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए।
जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक करीब छह किलोमीटर पैदल मार्ग कई स्थानों पर बारिश से क्षतिग्रस्त मिला। अधूरे कार्यों पर नाराजगी जताते हुए इन्हें 15 सितंबर तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई। धाम में कूड़े के कट्टों के ढेर, पैदल मार्ग पर गंदगी, शौचालयों और घोड़े-खच्चरों के चरी स्थलों में अव्यवस्था मिलने पर भी उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई।
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नियमित सफाई, घोड़े-खच्चरों के टीकाकरण और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए गए। मार्ग पर पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध मिलीं। वहीं पालीगाड़-जानकीचट्टी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर सुरक्षित आवाजाही के साथ काम में तेजी लाने को कहा गया। यमुनोत्री धाम में घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी के लिए घोड़ा पड़ाव की सीमित क्षमता को भी चुनौती बनी है।
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उन्होंने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यमुना नदी के दूसरे छोर पर वैकल्पिक मार्ग विकसित करने पर जोर दिया। वन विभाग ने डायवर्जन प्वाइंट से करीब 2.5 किलोमीटर का वैकल्पिक मार्ग विकसित किया है। इस दौरान बताया गया कि जानकीचट्टी में करीब 200 से 300 बड़े वाहनों की पार्किंग क्षमता है।