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Uttarkashi News: मछली उत्पादन के लिए बना दिए टैंक, बीज मिले ही नहीं
Sat, 12 Sep 2026 06:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 12 Sep 2026 06:17 PM IST
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ग्रामीणों ने विभाग से खर्च धनराशि वापस दिलाने की मांग की
उत्तरकाशी। धौंतरी क्षेत्र के कमद गांव में मतस्य विभाग की ओर से ट्राउट मछली के उत्पादन के लिए विभाग की ओर ग्रामीणों से टैंक तो बनवा दिए गए लेकिन अभी तक उनमें बीज और पानी उपलब्ध नहीं करवाया गया है। साथ ही ग्रामीणों का आरोप है कि जब उनकी ओर से विभाग से गांव में ट्राउट मछली के उत्पादन के नाम पर खर्च किए गए धनराशि की जानकारी मांगी गई।
कमद गांव के ग्राम प्रधान भरत सिंह चौहान ने बताया कि मतस्य विभाग की ओर से ट्राउट मछली के उत्पादन के लिए ग्रामीणों को धनराशि उपलब्ध करवाकर करीब आठ से अधिक टैंक बनवा दिए गए लेकिन एक वर्ष से उसके लिए बीज उपलब्ध नहीं करवाए गए। साथ ही अभी तक उन टैंकों में पानी भी उपलब्ध नहीं हो पाया है। इस कारण अब वह टैंक खराब हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से ट्राउट मछली के उत्पादन के नाम पर गांव में सरकारी धन का दुरूपयोग किया गया है। गांव के लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। दूसरी ओर विभाग अपनी फाइलोें में योजनाओं को पूरा दिखा रहा है। मतस्य विभाग के सहायक निदेशक नितीश कुमार का कहना है कि कमद में ट्राउट मछली के उत्पादन के लिए पानी का तापमान नहीं मिल पा रहा है।
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उत्तरकाशी। धौंतरी क्षेत्र के कमद गांव में मतस्य विभाग की ओर से ट्राउट मछली के उत्पादन के लिए विभाग की ओर ग्रामीणों से टैंक तो बनवा दिए गए लेकिन अभी तक उनमें बीज और पानी उपलब्ध नहीं करवाया गया है। साथ ही ग्रामीणों का आरोप है कि जब उनकी ओर से विभाग से गांव में ट्राउट मछली के उत्पादन के नाम पर खर्च किए गए धनराशि की जानकारी मांगी गई।
कमद गांव के ग्राम प्रधान भरत सिंह चौहान ने बताया कि मतस्य विभाग की ओर से ट्राउट मछली के उत्पादन के लिए ग्रामीणों को धनराशि उपलब्ध करवाकर करीब आठ से अधिक टैंक बनवा दिए गए लेकिन एक वर्ष से उसके लिए बीज उपलब्ध नहीं करवाए गए। साथ ही अभी तक उन टैंकों में पानी भी उपलब्ध नहीं हो पाया है। इस कारण अब वह टैंक खराब हो रहे हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से ट्राउट मछली के उत्पादन के नाम पर गांव में सरकारी धन का दुरूपयोग किया गया है। गांव के लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। दूसरी ओर विभाग अपनी फाइलोें में योजनाओं को पूरा दिखा रहा है। मतस्य विभाग के सहायक निदेशक नितीश कुमार का कहना है कि कमद में ट्राउट मछली के उत्पादन के लिए पानी का तापमान नहीं मिल पा रहा है।
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