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नींव पक्की तो निर्माण कैसे अस्थायी
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ज्ञानसू में जल विद्युत निगम की भूमि पर पालिका की निर्माणाधीन दुकानों के विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। जिला प्रशासन ने पालिका को अस्थायी निर्माण करने के निर्देश दिए, जबकि पालिका प्रशासन की ओर से यहां दुकानों के निर्माण के लिए पक्की नींव डाली गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब नींव पक्की डाली गई है, तो निर्माण अस्थायी कैसे हो सकता है।
नगर पालिका बाड़ाहाट (उत्तरकाशी) ने 24 जून को वार्ड सात सिंचाई कार्यालय के समीप 18 दुकानों का निर्माण शुरू किया था। बाद में यह जमीन जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) की निकली। निगम ने पालिका के दुकान निर्माण का विरोध किया। पालिका प्रशासन का कहना था कि वह जनहित में ही यहां निर्माण कर रही है, जिसकी अनुमति प्रशासन ने ही उसे दी है। विवाद बढ़ने पर डीएम ने एसडीएम भटवाड़ी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। हाल में मामले में जिला प्रशासन ने पालिका को पत्र जारी कर यहां अस्थायी निर्माण करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन पत्र के जारी होने से पहले ही पालिका लगभग पक्की नींव तैयार कर चुकी है। इधर, पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल का कहना है कि वहां अस्थायी निर्माण ही किया जाएगा। कहा कि यह निर्माण जनहित में ही किया जा रहा है। दुकान बनने पर मोटर मैकेनिक, वेल्डिंग शॉप आदि की दुकानों को शिफ्ट किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने पालिका को अस्थायी निर्माण के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के पत्र को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है, जो भी निर्देश मिलेंगे। उसके अनुरूप कार्य किया जाएगा।
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अमन बिष्ट, ईई, जल विद्युत निगम।
नगर पालिका को पत्र जारी कर अस्थायी निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। निगम को जब भूमि की जरूरत होगी तो पालिका को भूमि उपलब्ध करानी पड़ेगी। पालिका को आर्थिक हानि होती है, तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेेदार होगी।
-देवेंद्र नेगी, एसडीएम भटवाड़ी।
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नगर पालिका बाड़ाहाट (उत्तरकाशी) ने 24 जून को वार्ड सात सिंचाई कार्यालय के समीप 18 दुकानों का निर्माण शुरू किया था। बाद में यह जमीन जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) की निकली। निगम ने पालिका के दुकान निर्माण का विरोध किया। पालिका प्रशासन का कहना था कि वह जनहित में ही यहां निर्माण कर रही है, जिसकी अनुमति प्रशासन ने ही उसे दी है। विवाद बढ़ने पर डीएम ने एसडीएम भटवाड़ी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। हाल में मामले में जिला प्रशासन ने पालिका को पत्र जारी कर यहां अस्थायी निर्माण करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन पत्र के जारी होने से पहले ही पालिका लगभग पक्की नींव तैयार कर चुकी है। इधर, पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल का कहना है कि वहां अस्थायी निर्माण ही किया जाएगा। कहा कि यह निर्माण जनहित में ही किया जा रहा है। दुकान बनने पर मोटर मैकेनिक, वेल्डिंग शॉप आदि की दुकानों को शिफ्ट किया जाएगा।
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जिला प्रशासन ने पालिका को अस्थायी निर्माण के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के पत्र को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है, जो भी निर्देश मिलेंगे। उसके अनुरूप कार्य किया जाएगा।
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अमन बिष्ट, ईई, जल विद्युत निगम।
नगर पालिका को पत्र जारी कर अस्थायी निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। निगम को जब भूमि की जरूरत होगी तो पालिका को भूमि उपलब्ध करानी पड़ेगी। पालिका को आर्थिक हानि होती है, तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेेदार होगी।
-देवेंद्र नेगी, एसडीएम भटवाड़ी।