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गोविंद वन्य जीव विहार ने रोका 42 गांवों का विकास
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विकासखंड मोरी के नैटवाड़ एवं सांकरी क्षेत्र के 42 गांव के लिए गोविंद वन्य जीव विहार अभिशाप बन हुआ है। यहां सारे नियम, कानून वन्य जीव विहार प्रशासन के चलते है, जिससे क्षेत्र के अधिकांश गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
गोविंद वन्य जीव विहार की बंदिशों के कारण नैटवाड़, सांकरी क्षेत्र के 42 गांव का विकास ठप पड़ा हुआ है। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीण 20 किमी पैदल चलने को मजबूर हैं। करीब आधा दर्जन गांवों के लिए बने नैटवाड़ धोला दोणी मसरी 23 किमी मोटर मार्ग शुरू में पांच किमी तक पीएमजीएसवाई बीच में नौ किमी गोविंद वन्य जीव विहार व उसके बाद सात किमी तक लोनिवि एवं फिर दो किमी पीएमजीएसवाई का होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य रोजी सिंह सौंदाण ने बताया कि मोटर मार्ग के बीच वाले नौ किमी वन्य जीव विहार मार्ग को लोनिवि को हस्तांतरित करने की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं। इस संबंध में शासन-प्रशासन को कई बार लिखा गया है, लेकिन कोई भी कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि शीघ्र मार्ग लोनिवि को हस्तांतरित न करने पर ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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गोविंद वन्य जीव विहार की बंदिशों के कारण नैटवाड़, सांकरी क्षेत्र के 42 गांव का विकास ठप पड़ा हुआ है। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीण 20 किमी पैदल चलने को मजबूर हैं। करीब आधा दर्जन गांवों के लिए बने नैटवाड़ धोला दोणी मसरी 23 किमी मोटर मार्ग शुरू में पांच किमी तक पीएमजीएसवाई बीच में नौ किमी गोविंद वन्य जीव विहार व उसके बाद सात किमी तक लोनिवि एवं फिर दो किमी पीएमजीएसवाई का होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
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क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य रोजी सिंह सौंदाण ने बताया कि मोटर मार्ग के बीच वाले नौ किमी वन्य जीव विहार मार्ग को लोनिवि को हस्तांतरित करने की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं। इस संबंध में शासन-प्रशासन को कई बार लिखा गया है, लेकिन कोई भी कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि शीघ्र मार्ग लोनिवि को हस्तांतरित न करने पर ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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