फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Four thousand trees are being cut off in road widening

सड़क चौड़ीकरण में कटेंगे चार हजार पेड़

Mon, 01 Aug 2016 11:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला uttarkashi
ब्यूरो/अमर उजाला uttarkashi Updated Mon, 01 Aug 2016 11:04 PM IST
विज्ञापन

उत्तरकाशी। वन विभाग ने झाला से जांगला तक 12 किमी सीमावर्ती सड़क चौड़ीकरण में आड़े आ रहे चार हजार से ज्यादा देवदार, कैल, चीड़ के पेड़ों को काटने का फरमान तैयार कर लिया है। सड़क जरूरी है, लेकिन झाला, हर्षिल, छोलमी और धराली के किसान पूर्व में निचले क्षेत्रों में गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण से उपजे भूस्खलन की तबाही से आशंकित हैं। वे चाहते हैं कि सड़क बने लेकिन कटान के साथ ही मजबूत प्रोटेक्शन वाल भी लगे, ताकि इस संवेदनशील क्षेत्र में आजीविका का प्रमुख सहारा उनके सेब के बागीचे उजड़ने की स्थिति पैदा न हो।

विज्ञापन

उपला टकनौर के हिम शिखरों के नीचे सदियों पूर्व एवलांच के साथ आए मलबे पर छोलमी, धराली गांव बसे हैं। जोतरिया, पछियारी, लदिया, तड़ी, चौंरिया तोक में कई गांवों के सेब के बागीचे हैं। ये सारी जमीन नीचे भागीरथी से खड़ी ढाल पर स्थित हैं और ऊपर हिमशिखर एवं जंगल से यहां जमीन के अंदर पानी का रिसाव निरंतर जारी रहता है। यदि यहां पेड़ हटाकर कटान किया गया, तो भारी भूस्खलन की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन

हर्षिल के नरेंद्र बुटोला, डा. नागेंद्र सिंह, धराली के जय भगवान पंवार, छोलमी के विशन सिंह नेगी आदि का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण एवं बड़ी संख्या में हरे पेड़ों के कटान से संभावित नुकसान का पता लगाने के लिए भूवैज्ञानिकों की ओर से गहन सर्वेक्षण और एनजीटी से मंजूरी के साथ ही यहां के किसानों को भी विश्वास में लेना जरूरी है। एडवोकेट नरेंद्र बुटोला ने डीएम को पत्र भेजकर सड़क चौड़ीकरण के संभावित खतरों से अवगत कराया। इस संबंध में डीएफओ गिरीश रस्तोगी ने बताया कि पेड़ों की मार्किंग हो चुकी है। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद काटे जाने वाले पेड़ों की सही संख्या पता चल पाएगी। सड़क चौड़ीकरण की स्वीकृति भारत सरकार के स्तर से हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed