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Uttarkashi News: यमुनोत्री धाम में पोकलेन से शुरू हुआ बाढ़ सुरक्षा कार्य
Mon, 02 Nov 2026 07:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 02 Nov 2026 07:10 PM IST
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बाढ़ सुरक्षा कार्यों को मजबूती मिलने और निर्माण की गुणवत्ता बेहतर होने की जगी उम्मीद
बड़कोट। यमुनोत्री धाम को नदी के कटाव और आपदाओं के खतरों से सुरक्षित करने की दिशा में अब निर्माण कार्यों ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। धाम तक पहुंचाई गई पोकलेन मशीन को दोबारा असेंबल कर तैयार करने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना के साथ उससे निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे लंबे समय से चुनौती बने बाढ़ सुरक्षा कार्यों को मजबूती मिलने और निर्माण की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।
वर्ष 2024 की आपदा के बाद यमुनोत्री धाम में यमुना नदी के कटाव से बचाव के लिए मजबूत और टिकाऊ सुरक्षात्मक निर्माण की जरूरत लगातार महसूस की जा रही थी। अब तक दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और भारी मशीनों की अनुपलब्धता के चलते निर्माण कार्यों में कई मुश्किलें सामने आती रही हैं। ऐसे में पोकलेन मशीन के संचालन शुरू होने को धाम की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मशीन के माध्यम से अब नदी कटाव से बचाव सहित अन्य सुरक्षात्मक निर्माण कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम देने की उम्मीद है। इससे जहां श्रम और समय की बचत होगी, वहीं निर्माण कार्यों को अपेक्षाकृत मजबूत और टिकाऊ बनाया जा सकेगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरएस बडोनी ने बताया कि मशीन को धाम तक पहुंचाने के साथ उसे दोबारा तैयार करना चुनौतीपूर्ण रहा। उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में यह संभव हो सका। दीपावली के बाद बाढ़ सुरक्षा कार्यों को विधिवत रूप से धरातल पर उतारा जाएगा। इस मौके पर तीर्थ पुरोहित प्रदीप उनियाल, कार्यदायी संस्था के प्रबंधक दयाशंकर बलूनी सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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बड़कोट। यमुनोत्री धाम को नदी के कटाव और आपदाओं के खतरों से सुरक्षित करने की दिशा में अब निर्माण कार्यों ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। धाम तक पहुंचाई गई पोकलेन मशीन को दोबारा असेंबल कर तैयार करने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना के साथ उससे निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे लंबे समय से चुनौती बने बाढ़ सुरक्षा कार्यों को मजबूती मिलने और निर्माण की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।
वर्ष 2024 की आपदा के बाद यमुनोत्री धाम में यमुना नदी के कटाव से बचाव के लिए मजबूत और टिकाऊ सुरक्षात्मक निर्माण की जरूरत लगातार महसूस की जा रही थी। अब तक दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और भारी मशीनों की अनुपलब्धता के चलते निर्माण कार्यों में कई मुश्किलें सामने आती रही हैं। ऐसे में पोकलेन मशीन के संचालन शुरू होने को धाम की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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मशीन के माध्यम से अब नदी कटाव से बचाव सहित अन्य सुरक्षात्मक निर्माण कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम देने की उम्मीद है। इससे जहां श्रम और समय की बचत होगी, वहीं निर्माण कार्यों को अपेक्षाकृत मजबूत और टिकाऊ बनाया जा सकेगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरएस बडोनी ने बताया कि मशीन को धाम तक पहुंचाने के साथ उसे दोबारा तैयार करना चुनौतीपूर्ण रहा। उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में यह संभव हो सका। दीपावली के बाद बाढ़ सुरक्षा कार्यों को विधिवत रूप से धरातल पर उतारा जाएगा। इस मौके पर तीर्थ पुरोहित प्रदीप उनियाल, कार्यदायी संस्था के प्रबंधक दयाशंकर बलूनी सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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