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Uttarkashi News: मानसून सीजन में दूरस्थ गांव में की जाए डॉक्टरों की तैनाती
Thu, 25 Jun 2026 07:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 25 Jun 2026 07:11 PM IST
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आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने दिए एनएच, लोनिवि, पीएमजीएसवाई को निर्देश
उत्तरकाशी। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने एनएच, लोनिवि, पीएमजीएसवाई को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद के जिन मार्गों पर सड़क बंद होने की आशंका सबसे अधिक है उन्हें चिह्नित कर दोनों ओर जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात रखी जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को सड़क से कटे दूरस्थ गांवों के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की अनिवार्य तैनाती के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को मंत्री मदन कौशिक ने मानसून को लेकर अधिकारियों की बैठक ली और जल्द ही सभी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क कट जाता है। वहां पर खाद्यान्न, ईंधन और घरेलू गैस (एलपीजी) व जीवन रक्षक औषधि का स्टॉक पहुंचाया जाए।
सड़क बंद होने पर उसके आसपास संचालित दुकानों, होटलों और ढाबों में रेट लिस्ट चस्पा की जाए। इससे यात्रियों से ओवररेट के नाम पर होने वाली वसूली पर रोक लग सकेगी। इस दौरान डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि जनपद में 25 संवेदनशील जोन चिह्नित किए गए हैं। वहां पर 60 से अधिक जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात की गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में आपातकालीन स्थिति के लिए 68 विद्यालयों को शेल्टर होम के रूप में चिन्हित किया गया है।
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ग्राउंड पर राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ की छह और एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। आपातकालीन सेवा के लिए जनपद में 19 सक्रिय हेलिपैड पूरी तरह तैयार हैं जबकि 53 अन्य मैदानों को भी हेलिपैड के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए चिह्नित किया गया है। इस मौके परजिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, डीएम प्रशांत आर्य, विधायक सुरेश चौहान, दर्जा राज्य मंत्री प्रताप पंवार, जिलाध्यक्ष भाजपा नागेंद्र चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण आदि मौजूद रहे।
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उत्तरकाशी। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने एनएच, लोनिवि, पीएमजीएसवाई को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद के जिन मार्गों पर सड़क बंद होने की आशंका सबसे अधिक है उन्हें चिह्नित कर दोनों ओर जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात रखी जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को सड़क से कटे दूरस्थ गांवों के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की अनिवार्य तैनाती के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को मंत्री मदन कौशिक ने मानसून को लेकर अधिकारियों की बैठक ली और जल्द ही सभी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क कट जाता है। वहां पर खाद्यान्न, ईंधन और घरेलू गैस (एलपीजी) व जीवन रक्षक औषधि का स्टॉक पहुंचाया जाए।
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सड़क बंद होने पर उसके आसपास संचालित दुकानों, होटलों और ढाबों में रेट लिस्ट चस्पा की जाए। इससे यात्रियों से ओवररेट के नाम पर होने वाली वसूली पर रोक लग सकेगी। इस दौरान डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि जनपद में 25 संवेदनशील जोन चिह्नित किए गए हैं। वहां पर 60 से अधिक जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात की गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में आपातकालीन स्थिति के लिए 68 विद्यालयों को शेल्टर होम के रूप में चिन्हित किया गया है।
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ग्राउंड पर राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ की छह और एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। आपातकालीन सेवा के लिए जनपद में 19 सक्रिय हेलिपैड पूरी तरह तैयार हैं जबकि 53 अन्य मैदानों को भी हेलिपैड के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए चिह्नित किया गया है। इस मौके परजिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, डीएम प्रशांत आर्य, विधायक सुरेश चौहान, दर्जा राज्य मंत्री प्रताप पंवार, जिलाध्यक्ष भाजपा नागेंद्र चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण आदि मौजूद रहे।