{"_id":"604ceb1f8ebc3e769f093897","slug":"demonstration-of-villagers-for-road-asphalt-utter-kashi-news-drn373551858","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क डामरीकरण के लिए ग्रामीणों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क डामरीकरण के लिए ग्रामीणों का प्रदर्शन
विज्ञापन
गमरी मोरी में सड़क पर डामरीकरण की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : UTTER KASHI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोरी ब्लाक के शहीद दिनेश रावत गमरी-मैजणी-भूटाणू मोटर मार्ग के डामरीकरण एवं आरटीओ स्वीकृति की मांग को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों ने शहीद स्मारक पर धरना प्रदर्शन किया। नायब तहसीलदार की ओर से 20 मार्च को इस संबंध में बैठक के आश्वासन पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
मोरी प्रखंड के भूटाणू, मैजणी, किरोली, पावली आदि गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2010 में लोनिवि द्वारा गमरी-मैजणी-भूटाणू मोटर मार्ग का निर्माण कराया गया था। दस साल से अधिक समय बीतने के बाद भी सड़क पर न तो डामरीकरण कराया गया और न ही सड़क को आरटीओ स्वीकृति मिल पाई है। ऐसे में बदहाल पड़ी सड़क से आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लोगों की आजीविका सेब उत्पादन पर टिकी है। सड़क बदहाल होने से सेब को मंडियों तक पहुंचाने में खासी दिक्कतें आती हैं।
सड़क का डामरीकरण कराकर इसे आरटीओ स्वीकृति दिलाने की मांग पर शनिवार को ग्रामीणों ने शहीद दिनेश रावत स्मारक पर धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बलवीर शाह ने ग्रामीणों को 20 मार्च को विभागीय अधिकारियों एवं एसडीएम के साथ वार्ता कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिस पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। इस मौके पर मैजणी के प्रधान अरुण रावत, भूटाणू की प्रधान रेखा पंवार, पावली की प्रमिला चौहान, परमेश्वरी रावत, सतीश रावत, रघुवीर पंवार, अमर सिंह रावत, हरदयाल रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोरी प्रखंड के भूटाणू, मैजणी, किरोली, पावली आदि गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2010 में लोनिवि द्वारा गमरी-मैजणी-भूटाणू मोटर मार्ग का निर्माण कराया गया था। दस साल से अधिक समय बीतने के बाद भी सड़क पर न तो डामरीकरण कराया गया और न ही सड़क को आरटीओ स्वीकृति मिल पाई है। ऐसे में बदहाल पड़ी सड़क से आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लोगों की आजीविका सेब उत्पादन पर टिकी है। सड़क बदहाल होने से सेब को मंडियों तक पहुंचाने में खासी दिक्कतें आती हैं।
विज्ञापन
सड़क का डामरीकरण कराकर इसे आरटीओ स्वीकृति दिलाने की मांग पर शनिवार को ग्रामीणों ने शहीद दिनेश रावत स्मारक पर धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बलवीर शाह ने ग्रामीणों को 20 मार्च को विभागीय अधिकारियों एवं एसडीएम के साथ वार्ता कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिस पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। इस मौके पर मैजणी के प्रधान अरुण रावत, भूटाणू की प्रधान रेखा पंवार, पावली की प्रमिला चौहान, परमेश्वरी रावत, सतीश रावत, रघुवीर पंवार, अमर सिंह रावत, हरदयाल रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन