फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Cultivation of medicinal plants will become a means of livelihood

औषधीय पादपों की खेती बनेगी आजीविका का साधन

Tue, 28 Sep 2021 05:15 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 28 Sep 2021 05:15 PM IST
विज्ञापन
Cultivation of medicinal plants will become a means of livelihood
औषधीय पादपों की खेती डुुंडा विकासखंड के पांच गांवों के ग्रामीणों की आजीविका का साधन बनेगी। आईआईटी रुड़की ने ग्रामीणों को विभिन्न औषधीय पादपों का उन्नत बीज उपलब्ध कराया है। फसल तैयार होने पर आईआईटी ग्रामीणों को बाजार भी उपलब्ध कराएगी।
विज्ञापन

काश्तकार विजयेश्वर प्रसाद डंगवाल ने बताया कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से आईआईटी रुड़की उन्नत प्रकार के औषधीय पादपों की खेती करवा रहे हैं, जिससे काश्तकारों की आर्थिकी मजबूत होगी। काश्तकारों का कहना है कि इससे उनकी आर्थिकी मजबूत होगी। साथ ही पलायन भी रुकेगा। पाव के ग्राम प्रधान सुरेश रावत, ग्राम प्रधान अस्तन प्रियवादनी पैन्यूली ने इस पहल को काश्तकारों के हित में एक सकारात्मक पहल बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed