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Uttarkashi News: लकड़ी के फट्टों से कर रहे गदेरा पार
Tue, 10 Feb 2026 07:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 10 Feb 2026 07:13 PM IST
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सिरी पंचायत के ग्रामीणों ने डीएम से लगाई पुल निर्माण की मांग
आपदा में बह गया था पुल, ग्रामीण व स्कूली बच्चे जोखिम में कर रहे आवाजाही
उत्तरकाशी। ग्राम पंचायत सिरी के अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव ढुंग का पुल जलकुर गदेरे में आई आपदा में बह गया था। स्थिति यह है कि ग्रामीण लकड़ी के फट्टे बिछाकर गदेरा आरपार करने के लिए मजबूर हैं। इसके अलावा गांव की पेयजल लाइनों के साथ नहर क्षतिग्रस्त हैं लेकिन उनके समाधान के लिए जिला प्रशासन की ओर से अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।
डुंडा विकासखंड के सिरी ग्राम पंचायत के ढुंग गांव के शांतिलाल, सुरेंद्र लाल, बैशाखू लाल आदि का कहना है कि उनके गांव में अनुसूचित जाति के कारण 60 परिवार निवास करते हैं। लोग गत वर्ष आई आपदा के बाद से भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। वर्ष 2024 में गांव के समीप से बहने वाली नदी में बाढ़ आने के कारण गांव के पैदल मार्ग सहित पुल आदि क्षतिग्रस्त हो गए थे।
इसके साथ ही पाइपलाइन और नहरें भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। गांव को जोड़ने वाला मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। उससे हर दिन ग्रामीण और स्कूली बच्चे आवाजाही करते हैं। जब प्रशासन की ओर से सुनवाई नहीं हुई तो उसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं ही वहां पर लकड़ी के फट्टे बिछाकर अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही शुरू करवाई लेकिन उस पर भी आवाजाही में खतरा बना रहता है।
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साथ ही पैदल मार्गों की स्थिति भी खराब बनी हुई है। शांतिलाल ने बताया कि पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने स्वयं ही आपूर्ति पूरी करने के लिए अस्थायी व्यवस्था की। इस संबंध में ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर आपदा प्रभावित गांव में सुरक्षात्मक और अन्य कार्य करने की मांग की है।
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आपदा में बह गया था पुल, ग्रामीण व स्कूली बच्चे जोखिम में कर रहे आवाजाही
उत्तरकाशी। ग्राम पंचायत सिरी के अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव ढुंग का पुल जलकुर गदेरे में आई आपदा में बह गया था। स्थिति यह है कि ग्रामीण लकड़ी के फट्टे बिछाकर गदेरा आरपार करने के लिए मजबूर हैं। इसके अलावा गांव की पेयजल लाइनों के साथ नहर क्षतिग्रस्त हैं लेकिन उनके समाधान के लिए जिला प्रशासन की ओर से अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।
डुंडा विकासखंड के सिरी ग्राम पंचायत के ढुंग गांव के शांतिलाल, सुरेंद्र लाल, बैशाखू लाल आदि का कहना है कि उनके गांव में अनुसूचित जाति के कारण 60 परिवार निवास करते हैं। लोग गत वर्ष आई आपदा के बाद से भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। वर्ष 2024 में गांव के समीप से बहने वाली नदी में बाढ़ आने के कारण गांव के पैदल मार्ग सहित पुल आदि क्षतिग्रस्त हो गए थे।
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इसके साथ ही पाइपलाइन और नहरें भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। गांव को जोड़ने वाला मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। उससे हर दिन ग्रामीण और स्कूली बच्चे आवाजाही करते हैं। जब प्रशासन की ओर से सुनवाई नहीं हुई तो उसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं ही वहां पर लकड़ी के फट्टे बिछाकर अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही शुरू करवाई लेकिन उस पर भी आवाजाही में खतरा बना रहता है।
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साथ ही पैदल मार्गों की स्थिति भी खराब बनी हुई है। शांतिलाल ने बताया कि पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने स्वयं ही आपूर्ति पूरी करने के लिए अस्थायी व्यवस्था की। इस संबंध में ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर आपदा प्रभावित गांव में सुरक्षात्मक और अन्य कार्य करने की मांग की है।