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चिन्यालीसौड़ में नहीं है अग्निशमन केंद्र
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शहर के रूप में विकसित हो रहे चिन्यालीसौड़ में अग्निशमन केंद्र नहीं है, जिससे यहां स्थानीय निवासियों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ती है। अग्निशमन केंद्र खोलने की स्थानीय लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं। एक साल में यहां करीब आधा दर्जन आगजनी घटनाएं हो चुकी हैं।
चिन्यालीसौड़ नगर पालिका क्षेत्र में जनसंख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। यहां पालिका, तहसील व विकासखंड मुख्यालय भी है। नगरपालिका क्षेत्र में पीपलमंडी, सुलीठांग, मेन बाजार चिन्यालीसौड़, नागणी बाजार और बडेथी-धरासू मे करीब 500 व्यापारी और होटल व्यवसायी सहित 20 हजार की जनसंख्या निवासरत है। इसके अलावा विकासखंड की चार पट्टियों गमरी- दिचली, बिस्ट और दशगी-हातड की 81 ग्राम पंचायतों की करीब 40 हजार की जनसंख्या निवास करती है। इन क्षेत्रों में अक्सर आगजनी की घटनाएं घटित होती हैं, लेकिन अग्निशमन केंद्र की स्थापना न होने से इसका खामियाजा स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ता है।
सोमवार रात को पीपलमंडी बाजार की दुकानों में हुई आगजनी की घटना में अग्निशमन वाहन और कर्मचारियों को उत्तरकाशी से मौके पर पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया। व्यापारियों का कहना है कि यदि अग्निशमन केंद्र नजदीक होता, तो नुकसान कम होता। व्यापार मंडल अध्यक्ष पीपलमंडी अमित सकलानी, चिन्यालीसौड़ बाजार के व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल, दर्मियान रावत, पूरण सिंह बिष्ट, राकेश मेहरा ने कहा कि अग्निशमन केंद्र न होने का खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। चिन्यालीसौड़ में अग्निशमन केंद्र की स्थापना नितांत आवश्यक है।
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चिन्यालीसौड़ नगर पालिका क्षेत्र में जनसंख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। यहां पालिका, तहसील व विकासखंड मुख्यालय भी है। नगरपालिका क्षेत्र में पीपलमंडी, सुलीठांग, मेन बाजार चिन्यालीसौड़, नागणी बाजार और बडेथी-धरासू मे करीब 500 व्यापारी और होटल व्यवसायी सहित 20 हजार की जनसंख्या निवासरत है। इसके अलावा विकासखंड की चार पट्टियों गमरी- दिचली, बिस्ट और दशगी-हातड की 81 ग्राम पंचायतों की करीब 40 हजार की जनसंख्या निवास करती है। इन क्षेत्रों में अक्सर आगजनी की घटनाएं घटित होती हैं, लेकिन अग्निशमन केंद्र की स्थापना न होने से इसका खामियाजा स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ता है।
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सोमवार रात को पीपलमंडी बाजार की दुकानों में हुई आगजनी की घटना में अग्निशमन वाहन और कर्मचारियों को उत्तरकाशी से मौके पर पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया। व्यापारियों का कहना है कि यदि अग्निशमन केंद्र नजदीक होता, तो नुकसान कम होता। व्यापार मंडल अध्यक्ष पीपलमंडी अमित सकलानी, चिन्यालीसौड़ बाजार के व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल, दर्मियान रावत, पूरण सिंह बिष्ट, राकेश मेहरा ने कहा कि अग्निशमन केंद्र न होने का खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। चिन्यालीसौड़ में अग्निशमन केंद्र की स्थापना नितांत आवश्यक है।
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