{"_id":"ad9b58e8d568579d707cd162be08226a","slug":"carasar-pobalem-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रशर के शोर से जीना हुआ मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रशर के शोर से जीना हुआ मुश्किल
Updated Wed, 13 May 2015 08:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मातली में गंगा भागीरथी के किनारे चल रहे क्रशर प्लांट से बस्ती के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। दिन रात चल रहे क्रशर के शोर और उड़ती धूल ग्रामीणों की परेशानी का सबब बनी हुई है।
कई बार शिकायत करने पर भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने शीघ्र क्रशर प्लांट बंद नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मातली गांव के कैलाथ नामे तोक में भागीरथी नदी के किनारे लंबे समय से क्रशर प्लांट चल रहा है। पूर्व में शिकायत होने पर कई बार क्रशर को सीज भी किया गया, लेकिन प्रशासन की मिलीभगत से प्लांट को और विस्तार दिया जा रहा है।
विज्ञापन
आजकल दिन रात चल रहे प्लांट से हो रहे शोर से बस्ती के ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। क्रशर से उठती धूल घरों में घुस कर स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का कारण बन रही है।
क्रशर के लिए पास से ही खनन किए जाने से तटवर्ती हिस्से में कटाव का खतरा भी मंडराने लगा है। लता देवी, रेखा देवी, कलम सिंह, किरन, नीता, संजीव, रेशमा, उदयराज, चमनलाल आदि ने डीएम को पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।
कोट........
मातली में चल रहे क्रशर की पत्रावली एवं मानकों की पड़ताल के साथ ही मैं स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करूंगा। यदि गड़बड़ी पाई गई, तो कार्रवाई की जाएगी।
हरगिरी, प्रभारी, एसडीएम डुंडा।
विज्ञापन
कई बार शिकायत करने पर भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने शीघ्र क्रशर प्लांट बंद नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
मातली गांव के कैलाथ नामे तोक में भागीरथी नदी के किनारे लंबे समय से क्रशर प्लांट चल रहा है। पूर्व में शिकायत होने पर कई बार क्रशर को सीज भी किया गया, लेकिन प्रशासन की मिलीभगत से प्लांट को और विस्तार दिया जा रहा है।
विज्ञापन
आजकल दिन रात चल रहे प्लांट से हो रहे शोर से बस्ती के ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। क्रशर से उठती धूल घरों में घुस कर स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का कारण बन रही है।
क्रशर के लिए पास से ही खनन किए जाने से तटवर्ती हिस्से में कटाव का खतरा भी मंडराने लगा है। लता देवी, रेखा देवी, कलम सिंह, किरन, नीता, संजीव, रेशमा, उदयराज, चमनलाल आदि ने डीएम को पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।
कोट........
मातली में चल रहे क्रशर की पत्रावली एवं मानकों की पड़ताल के साथ ही मैं स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करूंगा। यदि गड़बड़ी पाई गई, तो कार्रवाई की जाएगी।
हरगिरी, प्रभारी, एसडीएम डुंडा।