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Uttarkashi News: टूटी खिड़की-दरवाजे और झाड़ियां हैं सरकारी धन के दुरुपयोग के गवाह
Sun, 07 Dec 2025 03:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 07 Dec 2025 03:57 PM IST
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बगैर उपयोग के ही खंडहर हो गया है फल सब्जी संग्रह केंद्र
नौगांव में ही लाखों की लागत से बनाए गए थे कई संग्रह केंद्र
नौगांव (उत्तरकाशी) नकदी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाए गए फल सब्जी संग्रह केंद्र (कलेक्शन सेंटर) बगैर उपयोग के ही खंडहर हो गए हैं। खंडहर में तब्दील कलेक्शन सेंटर लावारिस पशुओं का अड्डा बन गया है। चारों तरफ उगी झाड़ियां और टूटी हुई खिड़की दरवाजे सरकारी धन के दुरुपयोग की गवाही दे रहे हैं।
रवांई घाटी के नौगांव, पुरोला और मोरी ब्लॉक के काश्तकार बड़ी मात्रा में नकदी फसलों का उत्पादन कर आजीविका चलाते हैं। वर्ष 2012-13 में ग्राम्य विकास विभाग की ओर से नकदी फसल बाहुल्य क्षेत्रों में काश्तकारों की सुविधा के लिए नौगांव पुरोला और मोरी ब्लॉक में बड़ी संख्या में फल, सब्जी संग्रह केंद्र बनाए गए थे।
अकेले नौगांव में ही करीब एक दर्जन कलेक्शन सेंटर बनाए गए थे जिससे बरसात के समय काश्तकार खेतों से टमाटर, मटर, फ्रेंचबीन आदि नकदी फसलों को तोड़कर कलेक्शन सेंटरों में सुरक्षित रखकर मंडी पहुंचा सके और फसलों को कोई जानवर नुकसान न पहुंचा पाए। किसान भूषण से सम्मानित काश्तकार जगमोहन सिंह राणा ने कहा कि विभाग ने काश्तकारों की सुविधा के लिए लाखों रुपये खर्च कर कलेक्शन सेंटर तो बना दिए लेकिन संचालन के लिए जिम्मेदारी तय नहीं की गई। अधिकांश कलेक्शन सेंटर गलत जगह पर बनाए गए हैं। जिनका काश्तकार उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और वह खंडहर हो गए हैं।
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मुझे कुछ महीने पहले ही नौगांव का चार्ज मिला है। यहां कितने कलेक्शन सेंटर कहां पर बने है इसकी अभी जानकारी नहीं है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुछ कलेक्शन सेंटरों को देखने से लगा कि उनका उपयोग नहीं होने से वह बेकार पड़े हैं। - कैलाश चंद रमोला खंड विकास अधिकारी नौगांव।
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नौगांव में ही लाखों की लागत से बनाए गए थे कई संग्रह केंद्र
नौगांव (उत्तरकाशी) नकदी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाए गए फल सब्जी संग्रह केंद्र (कलेक्शन सेंटर) बगैर उपयोग के ही खंडहर हो गए हैं। खंडहर में तब्दील कलेक्शन सेंटर लावारिस पशुओं का अड्डा बन गया है। चारों तरफ उगी झाड़ियां और टूटी हुई खिड़की दरवाजे सरकारी धन के दुरुपयोग की गवाही दे रहे हैं।
रवांई घाटी के नौगांव, पुरोला और मोरी ब्लॉक के काश्तकार बड़ी मात्रा में नकदी फसलों का उत्पादन कर आजीविका चलाते हैं। वर्ष 2012-13 में ग्राम्य विकास विभाग की ओर से नकदी फसल बाहुल्य क्षेत्रों में काश्तकारों की सुविधा के लिए नौगांव पुरोला और मोरी ब्लॉक में बड़ी संख्या में फल, सब्जी संग्रह केंद्र बनाए गए थे।
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अकेले नौगांव में ही करीब एक दर्जन कलेक्शन सेंटर बनाए गए थे जिससे बरसात के समय काश्तकार खेतों से टमाटर, मटर, फ्रेंचबीन आदि नकदी फसलों को तोड़कर कलेक्शन सेंटरों में सुरक्षित रखकर मंडी पहुंचा सके और फसलों को कोई जानवर नुकसान न पहुंचा पाए। किसान भूषण से सम्मानित काश्तकार जगमोहन सिंह राणा ने कहा कि विभाग ने काश्तकारों की सुविधा के लिए लाखों रुपये खर्च कर कलेक्शन सेंटर तो बना दिए लेकिन संचालन के लिए जिम्मेदारी तय नहीं की गई। अधिकांश कलेक्शन सेंटर गलत जगह पर बनाए गए हैं। जिनका काश्तकार उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और वह खंडहर हो गए हैं।
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मुझे कुछ महीने पहले ही नौगांव का चार्ज मिला है। यहां कितने कलेक्शन सेंटर कहां पर बने है इसकी अभी जानकारी नहीं है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुछ कलेक्शन सेंटरों को देखने से लगा कि उनका उपयोग नहीं होने से वह बेकार पड़े हैं। - कैलाश चंद रमोला खंड विकास अधिकारी नौगांव।