जनपद के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भूगर्भ वैज्ञानिकों का एक और दल सर्वे करेगा। प्रशासन का कहना है कि दल 15 अगस्त के बाद जनपद में पहुंचेगा। पूर्व में दो सदस्यीय दल जनपद के करीब 7 आपदा प्रभावित गांवों का सर्वे कर चुका है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन को भी सौंप दी गई है। वहीं मस्ताड़ी के ग्रामीणों ने प्रशासन की लेट लतीफी पर आक्रोश जताया है।
अपर जिलाधिकारी तीर्थपाल सिंह ने बताया कि पहले गए भूगर्भ वैज्ञानिकों की रिपोर्ट प्रशासन को मिल गई है। रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। रिपोर्ट में जो सुझाव लिखे गए हैं। उन्हें संबंधित विभागों को भेज दिया जाएगा। एडीएम तीर्थपाल सिंह ने बताया कि भूगर्भ वैज्ञानिकों का एक और दल उत्तरकाशी भेजा जा रहा है। पूर्व में आए दो सदस्यीय भूगर्भ वैज्ञानिकों के दल की ओर से रिपोर्ट दी गई है, यदि उसमें कहीं कोई संशय है तो उसके निस्तारण के लिए नई टीम उन गांवों का फिर दौरा करेगी। वहीं दूसरी तरफ मस्ताड़ी गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन की लेट लतीफी पर आक्रोश जताया है। मस्ताड़ी के ग्राम प्रधान सत्यनारायण सेमवाल का कहना है कि गांव की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। गांव के रास्ते धंस रहे हैं, लोगों के आंगन टूट रहे हैं, घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन सर्वे पर सर्वे कराए जा रहा है। कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।