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Uttarkashi News: जर्जर ट्रॉली से आवाजाही करते हैं अगोड़ा के ग्रामीण
Sat, 12 Jul 2025 05:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 12 Jul 2025 05:34 PM IST
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घट्टूगाड में उफान पर बह रही है नदी
शिकायत के बाद भी लोनिवि नहीं कर रहा है पुल का निर्माण
उत्तरकाशी। अस्सी गंगा घाटी के अगोड़ा गांव के ग्रामीणों को घट्टूगाड में उफान पर बह रही नदी के ऊपर जर्जर ट्राॅली से आवाजाही करनी पड़ रही है जिससे कई बार दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। शिकायत के बाद भी लोनिवि की ओर से पुल निर्माण शुरू नहीं किया जा रहा है।
अगोड़ा गांव निवासी संजय पंवार ने बताया कि घट्टूगाड नदी के दूसरी ओर ग्रामीणों की मुख्य खेती सहित गोशालाएं हैं। हर दिन ग्रामीण वहां पर अपने खेती सहित अन्य कार्यों से आवाजाही करते हैं। घट्टूगाड के ऊपर बने पुल वर्ष 2012 की आपदा में बह गया था। उसके बाद ग्रामीणों ने कुछ वर्ष जान जोखिम में डालकर ही नदी को आरपार कर आवाजाही की।
वहीं ग्रामीणों की मांग के बाद लोक निर्माण विभाग ने वहां पर एक ट्राॅली लगाई लेकिन रखरखाव के अभाव में अब वे जर्जर हो चुकी है। वहीं ट्राॅली की रस्सी को खींचने और उसमें जाने में नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। कई बार स्थानीय लोग नदी का जलस्तर कम होने पर उसके बीच से ही जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
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ग्रामीणों ने कहा कि गत वर्ष घट्टूगाड नदी के ऊपर पुल के लिए लोक निर्माण विभाग को स्वीकृति मिली थी लेकिन करीब एक वर्ष बीतने पर भी आगे की कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं जर्जर हालत में पड़ी ट्राॅली को सही करने के उपाय भी नहीं किए गए। इससे वहां पर कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
लेानिवि के अधिशासी अभियंता अमनदीप राणा ने बताया कि घटूटगाड में 36 मीटर लंबे स्पैन के पुल का डिजाइन तैयार हो गया है। इसके साथ ही डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। जल्द ही इस पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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शिकायत के बाद भी लोनिवि नहीं कर रहा है पुल का निर्माण
उत्तरकाशी। अस्सी गंगा घाटी के अगोड़ा गांव के ग्रामीणों को घट्टूगाड में उफान पर बह रही नदी के ऊपर जर्जर ट्राॅली से आवाजाही करनी पड़ रही है जिससे कई बार दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। शिकायत के बाद भी लोनिवि की ओर से पुल निर्माण शुरू नहीं किया जा रहा है।
अगोड़ा गांव निवासी संजय पंवार ने बताया कि घट्टूगाड नदी के दूसरी ओर ग्रामीणों की मुख्य खेती सहित गोशालाएं हैं। हर दिन ग्रामीण वहां पर अपने खेती सहित अन्य कार्यों से आवाजाही करते हैं। घट्टूगाड के ऊपर बने पुल वर्ष 2012 की आपदा में बह गया था। उसके बाद ग्रामीणों ने कुछ वर्ष जान जोखिम में डालकर ही नदी को आरपार कर आवाजाही की।
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वहीं ग्रामीणों की मांग के बाद लोक निर्माण विभाग ने वहां पर एक ट्राॅली लगाई लेकिन रखरखाव के अभाव में अब वे जर्जर हो चुकी है। वहीं ट्राॅली की रस्सी को खींचने और उसमें जाने में नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। कई बार स्थानीय लोग नदी का जलस्तर कम होने पर उसके बीच से ही जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
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ग्रामीणों ने कहा कि गत वर्ष घट्टूगाड नदी के ऊपर पुल के लिए लोक निर्माण विभाग को स्वीकृति मिली थी लेकिन करीब एक वर्ष बीतने पर भी आगे की कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं जर्जर हालत में पड़ी ट्राॅली को सही करने के उपाय भी नहीं किए गए। इससे वहां पर कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
लेानिवि के अधिशासी अभियंता अमनदीप राणा ने बताया कि घटूटगाड में 36 मीटर लंबे स्पैन के पुल का डिजाइन तैयार हो गया है। इसके साथ ही डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। जल्द ही इस पर आगे कार्रवाई की जाएगी।