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Uttarkashi News: भारत-चीन सीमा पर पहली बार चलाया जा रहा है पल्स पोलियो अभियान
Mon, 29 Jun 2026 07:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 29 Jun 2026 07:34 PM IST
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पीएचसी की ओर से गंगोत्री धाम और हीना पंजीकरण केंद्र पर बनाया गया पहली बार बूथ
उत्तरकाशी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी की ओर से पल्स पोलिया अभियान के तहत पहली बार भारत-चीन सीमा पर कार्य कर रहे मजदूरों के बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाई गई है। दूसरी ओर पीएचसी की ओर से गंगोत्री धाम और हीना पंजीकरण केंद्र पर भी पहली बार पोलिया ड्राप अभियान बूथ बनाए गए हैं।
भारत-चीन सीमा सहित गंगोत्री और भैरो घाटी के आसपास रहने वाले बीआरओ के मजदूरों के पांच वर्ष तक के बच्चे पोलिया खुराक से वंचित रहे जाते थे। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस वर्ष अतिरिक्त तीन टीमों का गठन किया गया। इसमें से एक टीम को नेलांग घाटी और दूसरी टीम को गंगोत्री ओर तीसरी टीम को हीना पंजीकरण बैरियर पर तैनात किया गया।
पीएचसी भटवाड़ी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि चीना सीमा पर नेलांग व जादूंग घाटी में 29 बच्चों को पोलिया की खुराक पिलाई गई है। यात्रा के दौरान अपने परिजनों के साथ आने वाले बच्चे कई बार पोलिया ड्राप से वंचित रह जाते हैं। इसके तहत अभी तक 72 बच्चों को पोलिया की खुराक पिलाई गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार के निर्देश पर हर बच्चे तक यह अभियान पहुंचाया जा रहा है। संवाद
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उत्तरकाशी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी की ओर से पल्स पोलिया अभियान के तहत पहली बार भारत-चीन सीमा पर कार्य कर रहे मजदूरों के बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाई गई है। दूसरी ओर पीएचसी की ओर से गंगोत्री धाम और हीना पंजीकरण केंद्र पर भी पहली बार पोलिया ड्राप अभियान बूथ बनाए गए हैं।
भारत-चीन सीमा सहित गंगोत्री और भैरो घाटी के आसपास रहने वाले बीआरओ के मजदूरों के पांच वर्ष तक के बच्चे पोलिया खुराक से वंचित रहे जाते थे। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस वर्ष अतिरिक्त तीन टीमों का गठन किया गया। इसमें से एक टीम को नेलांग घाटी और दूसरी टीम को गंगोत्री ओर तीसरी टीम को हीना पंजीकरण बैरियर पर तैनात किया गया।
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पीएचसी भटवाड़ी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि चीना सीमा पर नेलांग व जादूंग घाटी में 29 बच्चों को पोलिया की खुराक पिलाई गई है। यात्रा के दौरान अपने परिजनों के साथ आने वाले बच्चे कई बार पोलिया ड्राप से वंचित रह जाते हैं। इसके तहत अभी तक 72 बच्चों को पोलिया की खुराक पिलाई गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार के निर्देश पर हर बच्चे तक यह अभियान पहुंचाया जा रहा है। संवाद
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