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Uttarkashi News: नेटवर्क की तलाश में ‘खतरों का सफर’
Tue, 23 Dec 2025 04:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 23 Dec 2025 04:45 PM IST
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लिवाड़ी गांव के ग्रामीण केवाईसी कराने के लिए जा रहे हैं चार किमी दूर
फिसलन भरे रास्तों पर बुजुर्ग और महिलाओं को सता रहा है हादसे का डर
पुरोला। मोरी के दूरस्थ गांव लिवाड़ी के ग्रामीणों को राशन कार्ड केवाईसी कराने लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लिवाड़ी गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने कारण ग्रामीणों को गांव से चार किमी दूर स्थित पाटा धार और सिलाधार तक जाना पड़ता रहा। इसके बावजूद मोबाइल नेटवर्क की कोई गारंटी नहीं है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिमोहन सिंह ने बताया कि इन दिनों सरकार की ओर से राशन कार्ड के लिए ग्रामीणों का केवाईसी हो रहा है लेकिन लिवाड़ी गांव में मोबाइल नेटवर्क न होने से पाटाधार और सीलाधार तक पहुंचने के लिए खड़ी व जोखिमभरी चढ़ाई तय करनी पड़ती। ग्रामीणों को केवाईसी करवाने के लिए 62 किमी दूर ब्लॉक मुख्यालय जाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि गांव में नेटवर्क नहीं आता। गांव के पास लगाया गया बीएसएनएल का टावर लंबे समय से शोपीस बना है। मजबूरी में महिलाएं, बुजुर्ग व युवा ग्रामीण केवाईसी सहित अन्य आवश्यक कार्यों को पाटाधार व सिलाधार की ओर जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खड़ीधार पर चढ़ते समय फिसलन भरे रास्तों के कारण किसी भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है जिससे वे हर बार डर के साए में सफर करने को मजबूर हैं। उन्होंने इस संबंध में प्रशासन से बीएसएनएल टावर को जल्द सुचारू करने की मांग की। त्रेपन सिंह, मीना देवी, जयचंद नैन सिंह, अमीन सिंह आदि मौजूद रहे।
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फिसलन भरे रास्तों पर बुजुर्ग और महिलाओं को सता रहा है हादसे का डर
पुरोला। मोरी के दूरस्थ गांव लिवाड़ी के ग्रामीणों को राशन कार्ड केवाईसी कराने लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लिवाड़ी गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने कारण ग्रामीणों को गांव से चार किमी दूर स्थित पाटा धार और सिलाधार तक जाना पड़ता रहा। इसके बावजूद मोबाइल नेटवर्क की कोई गारंटी नहीं है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिमोहन सिंह ने बताया कि इन दिनों सरकार की ओर से राशन कार्ड के लिए ग्रामीणों का केवाईसी हो रहा है लेकिन लिवाड़ी गांव में मोबाइल नेटवर्क न होने से पाटाधार और सीलाधार तक पहुंचने के लिए खड़ी व जोखिमभरी चढ़ाई तय करनी पड़ती। ग्रामीणों को केवाईसी करवाने के लिए 62 किमी दूर ब्लॉक मुख्यालय जाना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि गांव में नेटवर्क नहीं आता। गांव के पास लगाया गया बीएसएनएल का टावर लंबे समय से शोपीस बना है। मजबूरी में महिलाएं, बुजुर्ग व युवा ग्रामीण केवाईसी सहित अन्य आवश्यक कार्यों को पाटाधार व सिलाधार की ओर जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खड़ीधार पर चढ़ते समय फिसलन भरे रास्तों के कारण किसी भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है जिससे वे हर बार डर के साए में सफर करने को मजबूर हैं। उन्होंने इस संबंध में प्रशासन से बीएसएनएल टावर को जल्द सुचारू करने की मांग की। त्रेपन सिंह, मीना देवी, जयचंद नैन सिंह, अमीन सिंह आदि मौजूद रहे।
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