{"_id":"17-78354","slug":"Uttar-Kashi-78354-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा के दर्शन को चढ़नी होगी खड़ी चढ़ाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा के दर्शन को चढ़नी होगी खड़ी चढ़ाई
Uttar Kashi
Updated Thu, 16 Oct 2014 05:32 AM IST
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उत्तरकाशी/बड़कोट। शीतकालीन यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को मुखबा गांव में मां गंगा के दर्शन के लिए करीब दो किमी की खड़ी चढ़ाई नापनी होगी। लोनिवि ने दस साल में गांव तक सड़क तो काट दी, लेकिन डामरीकरण और आरटीओ पास नहीं होने से मंदिर तक वाहन नहीं पहुंचते हैं। ऐसे में देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को धराली से ही पैदल दूरी नापनी होगी।
सरकार ने अब शीतकालीन यात्रा भी शुरू करने की योजना बनाई है। यह पहल रंग लाई तो तीर्थयात्रियों को मां गंगा के दर्शन के लिए शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव तक जाने के लिए धराली से करीब दो किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी होगी।
गंगा के मायके मुखबा गांव के लिए वर्ष 2004 में चार किमी हर्षिल-मुखबा मोटर मार्ग को स्वीकृति मिली थी, लेकिन अभी गांव तक ही सड़क की कटिंग हो पाई है। हर्षिल की ओर से एक किमी हिस्से पर ही डामरीकरण हुआ है। शेष तीन किमी सड़क पर अभी तक डामरीकरण नहीं हुआ है। सड़क पर डामरीकरण और आरटीओ पास नहीं होने से इस बार की शीतकालीन यात्रा में गांव तक वाहनों का पहुंचना मुश्किल है।
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यमुना के दर्शन भी होंगे कठिन
मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली तक जाने के लिए भी श्रद्धालुओं को एक किमी पैदल दूरी नापनी होगी। खरसाली तक जाने के लिए हालांकि जानकीचट्टी-खरसाली एक किमी तथा फूलचट्टी-खरसाली तक तीन किमी सड़क कई वर्ष पहले कट चुकी है, लेकिन डामरीकरण और आरटीओ पास नहीं होने से छोटे वाहन चालक अपने रिस्क पर वाहन खरसाली तक ले जा रहे हैं।
मुखबा तक सड़क डामरीकरण के लिए 2.48 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है। बजट मिलते ही सड़क का डामरीकरण शुरू किया जाएगा।
घनश्याम सैनी, सहायक अभियंता लोनिवि भटवाड़ी।
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सरकार ने अब शीतकालीन यात्रा भी शुरू करने की योजना बनाई है। यह पहल रंग लाई तो तीर्थयात्रियों को मां गंगा के दर्शन के लिए शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव तक जाने के लिए धराली से करीब दो किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी होगी।
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गंगा के मायके मुखबा गांव के लिए वर्ष 2004 में चार किमी हर्षिल-मुखबा मोटर मार्ग को स्वीकृति मिली थी, लेकिन अभी गांव तक ही सड़क की कटिंग हो पाई है। हर्षिल की ओर से एक किमी हिस्से पर ही डामरीकरण हुआ है। शेष तीन किमी सड़क पर अभी तक डामरीकरण नहीं हुआ है। सड़क पर डामरीकरण और आरटीओ पास नहीं होने से इस बार की शीतकालीन यात्रा में गांव तक वाहनों का पहुंचना मुश्किल है।
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यमुना के दर्शन भी होंगे कठिन
मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली तक जाने के लिए भी श्रद्धालुओं को एक किमी पैदल दूरी नापनी होगी। खरसाली तक जाने के लिए हालांकि जानकीचट्टी-खरसाली एक किमी तथा फूलचट्टी-खरसाली तक तीन किमी सड़क कई वर्ष पहले कट चुकी है, लेकिन डामरीकरण और आरटीओ पास नहीं होने से छोटे वाहन चालक अपने रिस्क पर वाहन खरसाली तक ले जा रहे हैं।
मुखबा तक सड़क डामरीकरण के लिए 2.48 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है। बजट मिलते ही सड़क का डामरीकरण शुरू किया जाएगा।
घनश्याम सैनी, सहायक अभियंता लोनिवि भटवाड़ी।