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20 से बढ़कर 50 मेगावाट पहुंचा विद्युत उत्पादन
Uttar Kashi
Updated Mon, 11 Nov 2013 05:42 AM IST
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उत्तरकाशी। जोशियाड़ा बैराज के एक नंबर गेट पर रेत भरे कट्टों से किया गया जुगाड़ असर दिखाने लगा है। धरासू विद्युतगृह में उत्पादन 20 से बढ़कर 50 मेगावाट पहुंच गया है, लेकिन अभी दो नंबर गेट से रिसाव न रुक पाने से उत्पादन हानि का सिलसिला बरकरार है। निगम प्रबंधन एक बार फिर सोमवार को उत्पादन बंद कर इस रिसाव को रोकने के उपाय करेगा।
भागीरथी की बाढ़ में आए भारी बोल्डरों ने मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना के जोशियाड़ा बैराज गेट के स्पिल वे को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया तब से पानी का भारी रिसाव हो रहा है। इस कारण 304 मेगावाट की यह परियोजना महज 20 मेगावाट उत्पादन कर पा रही थी। स्टाप लॉग गेट खराब पड़े होने से बैराज गेटों की मरम्मत के लिए बार-बार उत्पादन बंद करना पड़ रहा है। शनिवार को स्पिल वे में हुए गड्ढों में रेत के कट्टे भरकर एक नंबर गेट के रिसाव को काफी हद तक रोक दिया गया।
स्टाप लॉग गेट खराब
महज छह साल पुरानी इस परियोजना के स्टाप लॉग गेट खराब होने पर सवाल उठने लगे हैं। लीकेज और बैराज गेटों की मरम्मत के लिए तीन करोड़ से अधिक लागत के टनों वजनी नौ स्टाप लॉग गेट परियोजना में हैं। इनमें से दो गेट तो गलत ढंग से बैराज गेटों में फंसे पड़े हैं। निगम के अधिकारी न तो इन्हें निकलवा पा रहे हैं और न गेट डालकर रिसाव रोकने के उपाय कर पा रहे हैं।
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कोट..........
एक नंबर गेट से रिसाव रोक लिया गया है और दो नंबर गेट की मरम्मत के लिए सोमवार को फिर क्लोजर लिया जाएगा। स्टाप लॉग गेट की क्रेन में कुछ तकनीकी खराबी के कारण गेट डालने में दिक्कतें आ रही हैं। इसे भी शीघ्र दुरुस्त कराया जाएगा। - जेबी सिंह, डीजीएम सिविल जल विद्युत निगम।
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भागीरथी की बाढ़ में आए भारी बोल्डरों ने मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना के जोशियाड़ा बैराज गेट के स्पिल वे को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया तब से पानी का भारी रिसाव हो रहा है। इस कारण 304 मेगावाट की यह परियोजना महज 20 मेगावाट उत्पादन कर पा रही थी। स्टाप लॉग गेट खराब पड़े होने से बैराज गेटों की मरम्मत के लिए बार-बार उत्पादन बंद करना पड़ रहा है। शनिवार को स्पिल वे में हुए गड्ढों में रेत के कट्टे भरकर एक नंबर गेट के रिसाव को काफी हद तक रोक दिया गया।
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स्टाप लॉग गेट खराब
महज छह साल पुरानी इस परियोजना के स्टाप लॉग गेट खराब होने पर सवाल उठने लगे हैं। लीकेज और बैराज गेटों की मरम्मत के लिए तीन करोड़ से अधिक लागत के टनों वजनी नौ स्टाप लॉग गेट परियोजना में हैं। इनमें से दो गेट तो गलत ढंग से बैराज गेटों में फंसे पड़े हैं। निगम के अधिकारी न तो इन्हें निकलवा पा रहे हैं और न गेट डालकर रिसाव रोकने के उपाय कर पा रहे हैं।
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एक नंबर गेट से रिसाव रोक लिया गया है और दो नंबर गेट की मरम्मत के लिए सोमवार को फिर क्लोजर लिया जाएगा। स्टाप लॉग गेट की क्रेन में कुछ तकनीकी खराबी के कारण गेट डालने में दिक्कतें आ रही हैं। इसे भी शीघ्र दुरुस्त कराया जाएगा। - जेबी सिंह, डीजीएम सिविल जल विद्युत निगम।