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परियोजनाओं से दिखी बाल वैज्ञानिकों की प्रतिभा
Uttar Kashi
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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उत्तरकाशी। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला स्तरीय आयोजन में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से चयनित बाल वैज्ञानिकों ने अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। इस मौके पर बीते वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने वाले बाल वैज्ञानिकों को सम्मानित करने के साथ ही स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
आयोजन का शुभारंभ करते हुए पालिकाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विज्ञान को बढ़ावा देने में कारगर साबित हो रही हैं। इससे बच्चों में छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा सामने आती है। बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक विजयलक्ष्मी रावत ने बताया कि इसमें सीनियर वर्ग की 19 तथा जूनियर वर्ग की 17 परियोजनाएं शामिल की गई हैं। इनमें से उत्कृष्ट परियोजनाएं राज्य स्तर के लिए चयनित की जाएंगी।
इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एसपी सेमवाल ने बाल विज्ञान कांग्रेस की स्मारिका ‘प्रतिविंब’ तथा डा.वाईपी सेमल्टी के कविता संग्रह ‘नन्हा चमन’ का विमोचन किया। बीते वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने वाले बाल वैज्ञानिक मनमोहन सिंह व शर्मिला तथा उनके मार्गदर्शक शिक्षक दिवाकर पैन्यूली व ध्यान सिंह को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर डा.एसएस मेहरा, डा.जीके ढींगरा, सरोजनी रांगड़, उमेश तलवाड़ आदि मौजूद थे।
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आयोजन का शुभारंभ करते हुए पालिकाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विज्ञान को बढ़ावा देने में कारगर साबित हो रही हैं। इससे बच्चों में छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा सामने आती है। बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक विजयलक्ष्मी रावत ने बताया कि इसमें सीनियर वर्ग की 19 तथा जूनियर वर्ग की 17 परियोजनाएं शामिल की गई हैं। इनमें से उत्कृष्ट परियोजनाएं राज्य स्तर के लिए चयनित की जाएंगी।
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इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एसपी सेमवाल ने बाल विज्ञान कांग्रेस की स्मारिका ‘प्रतिविंब’ तथा डा.वाईपी सेमल्टी के कविता संग्रह ‘नन्हा चमन’ का विमोचन किया। बीते वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने वाले बाल वैज्ञानिक मनमोहन सिंह व शर्मिला तथा उनके मार्गदर्शक शिक्षक दिवाकर पैन्यूली व ध्यान सिंह को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर डा.एसएस मेहरा, डा.जीके ढींगरा, सरोजनी रांगड़, उमेश तलवाड़ आदि मौजूद थे।
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